विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई के तीनों भाइयों पर पुलिस ने गैंगस्टर और कुर्की की कार्रवाई के साथ इनाम भी घोषित किया था लेकिन शहर और प्रदेश पुलिस को धता बताकर लगभग एक माह से फरार चल रहे तीनों भाई कोर्ट में समर्पण करके जेल चले गए। जय की तरह ही उसके भाई रजय का रसूख भी कुछ कम नहीं है।
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जय बाजपेई
- फोटो : अमर उजाला
सपा का सक्रिय सदस्य और विधायक का खास होने के नाते सपा शासन में तो उसकी तूती बोलती ही थी, भाजपा शासन में भी उसका जलवा कुछ कम नहीं रहा। आपराधिक मुकदमों के बावजूद रजय को दोनों ही शासन में एसपीओ बनाया गया था। भाजपा शासन में तो वह एस-10 का सदस्य भी रहा। एएसपी कन्नौज की जांच में पुलिस के सभी सवालों के जवाब रजय ने बड़ी बेबाकी से दिए थे।
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जय बाजपेई
- फोटो : अमर उजाला
परिवार में रजय की बात का कितना महत्व है इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जांच में रजय द्वारा दिए गए बयान पर ही जय समेत पांचों भाइयों ने अपनी मुहर लगा दी थी। एएसपी केसी गोस्वामी के सवालों का जवाब देते हुए रजय ने बताया था कि वह सपा में 15-16 साल से नेतागीरी कर रहा है और जय के काम देखता है। बड़े भाई अजय की बैट्री व कार एसेसरीज की दुकान है।
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जय बाजपेई
- फोटो : अमर उजाला
छोटा भाई राहुल मकानों व पुरानी गाड़ियों को बिकवाने का काम करता है जबकि शोभित एलएलबी का छात्र है। जांच के दौरान रजय ने ही परिवार की सभी सम्पत्तियों का ब्योरा भी दिया था। जय पांच भाइयों में तीसरे नंबर का है लेकिन संपत्ति के मामले में वह नंबर वन है। एएसपी ने विस्तृत जांच की संस्तुति भी की थी लेकिन दो साल तक यह रिपोर्ट फाइलों में धूल चाटती रही।
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विकास दुबे: जय की पत्नी श्वैता
- फोटो : amar ujala
बिकरू कांड के बाद जब पुलिस जागी तो एक-एक कर परतें खुलने लगीं। रजय ने खुद ही कहा था कि वह जय का कामकाज देखता है इसके बावजूद रजय के नाम पर संपत्ति का न होना, जय के काले कारनामों को पुलिसिया और राजनीतिक संरक्षण देने वाले रजय का नाम कहीं भी सामने न आना, गनर का शौक रखने वाले के नाम खुद शस्त्र लाइसेंस का न होना, फर्जी गनर रखने के मामले से रजय का साफ बच निकलना।
ये कुछ ऐसी बातें रहीं जिस पर पुलिस अफसरों ने कभी गौर ही नहीं किया। सपा के नाम पर राजनीति में और एसपीओ के रूप में पुलिस विभाग में रजय की पैठ मजबूत थी। रजय ने इसका भरपूर फायदा उठाया। बिकरू कांड के बाद भी पुलिस की शुरुआती जांच जय तक ही सीमित रही। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी रजय के कारनामे भी सामने आने लगे।