कानपुर में गुरुवार (2 जुलाई) देर रात दबिश देने गई पुलिस टीम के आठ जवानों को मौत की नींद सुलाने वाले विकास दुबे को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। विकास दुबे के अपराध करने का सिलसिला वर्ष 1990 से शुरू हुआ था। बिकरू गांव निवासी किसान के बेटे विकास ने पिता के अपमान का बदला लेने के लिए नवादा गांव के किसानों को वर्ष 1990 में पीटा था।