बिकरू कांड में शस्त्र लाइसेंस में फर्जी शपथ पत्र लगाने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। विकास दुबे के करीबी दो वकीलों ने शपथ पत्र बनवाने का ठेका ले रखा था। पैसे लेकर मनचाहा शपथपत्र तैयार करते थे।
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कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि विकास के पिता के लाइसेंस के लिए एक अन्य वकील ने शपथ पत्र बनाया था। अधिकतर शपथ पत्र कानपुर देहात कचहरी से बनवाए गए हैं। शस्त्र लाइसेंस लेने में गलत शपथ पत्र लगाए हैं। इसमें विकास दुबे के पिता रामकुमार, भाई दीपक दुबे, उसकी पत्नी अंजलि दुबे, विष्णुपाल, अमित, दिनेश कुमार, रवीेंद्र कुमार, अखिलेश कुमार व आशुतोष त्रिपाठी पर केस दर्ज किया गया है।
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विकास दुबे एनकाउंटर
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पुलिस की जांच में सामने आया कि इसमें दो वकीलों की बड़ी भूमिका है। ये वकील विकास के कारखास गुड्डन के परिचित हैं। इनके नाम भी पुलिस को मिल गए हैं। जांच के बाद कार्रवाई होगी।
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कानपुर एनकाउंटर
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सूत्रों के अनुसार एक दो दलालों का भी नाम सामने आया है। एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि फर्जीवाड़े में जिनके नाम सामने आएंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी।
दो साल में सात फर्जी शपथ पत्र बनवाए
रामकुमार ने 1992 में, दीपक दुबे ने 1997 में शपथ पत्र बनवाया था। अन्य सात आरोपियों के शपथ पत्र 2008 व 2009 में बने हैं। इसी दौरान उन्होंने शस्त्र लाइसेंस लिया। पुलिस को आशंका है कि फर्जी शपथपत्र बनाने वाले कई गिरोह सक्रिय हैं।