कानपुर में हत्या का जुर्म न कबूल करने पर दो दोस्तों को सोमवार देर रात बिठूर थाने में बुरी तरह से पीटा गया। थर्ड डिग्री दी गई। एक युवक के नाजुक अंगों में पेट्रोल डालकर इलेक्ट्रिक शॉक दिया गया। इससे कपड़ों में आग लगने से युवक झुलस गया। पुलिस ने झुलसे युवक को अस्पताल में भर्ती कराया।
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पीड़ित साेनू
- फोटो : अमर उजाला
घटना से गुस्साए परिजनों ने थानाध्यक्ष और पुलिसकर्मियों पर यातनाएं देने का आरोप लगाकर अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया। वहीं थानाध्यक्ष सुधीर कुमार पंवार का कहना है कि पूछताछ से बचने के लिए युवक ने खुद को आग लगा ली। एसएसपी ने थानाध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही मामले की जांच सीओ स्वरूपनगर अजीत सिंह चौहान को सौंप दी है।
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नाजुक अंग में पेट्राेल डाल लगाई आग
- फोटो : अमर उजाला
बिठूर के भिडैया बाकरगंज निवासी निर्मल निषाद (21) की 27 मार्च को हत्या हो गई थी। उसका शव अगले दिन नारामऊ मॉडल डेयरी के सामने रेलवे ट्रैक के पास मिला था। पिता रामजीवन ने निर्मल के दोस्त गांव के ही नीरज के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी नीरज से पूछताछ भी की थी। मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने गजियाखेड़ा शुक्लागंज निवासी निर्मल के बहनोई संजय के छोटे भाई मोनू और कटहा दलानपुर शुक्लागंज निवासी उसके दोस्त सोनू को सोमवार रात दबोच लिया।
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पीड़ित साेनू अस्पताल में इलाज के दौरान
- फोटो : अमर उजाला
सोनू ने बताया कि शुक्लागंज से थाने लाते वक्त थानाध्यक्ष सुधीर सिंह पंवार और उनकी टीम ने उन लोगों पर हत्या का जुर्म कबूल करने का दबाव डाला। गंगा बैराज पर एनकाउंटर की धमकी भी दी। इसके बाद थाने में थानाध्यक्ष और पुलिसकर्मियों ने दोनों को चमड़े के पट्टे से पीटा। कपड़े उतरवाकर थर्ड डिग्री दी। इलेक्ट्रिक शॉक लगाए। सोनू का आरोप है कि तड़के पुलिस कर्मी मोनू को हवालात से निकालकर बरामदे में ले गए।
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थर्ड डिग्री देने के आरोपी इंस्पेक्टर सुधीर पवार हुए सस्पेंड
- फोटो : अमर उजाला
वहां थानाध्यक्ष व पुलिसकर्मियों ने मोनू के नाजुक अंगों में पेट्रोल डाला फिर इलेक्ट्रिक शॉक लगाए। इससे उसके कपड़ों में आग लग गई। आननफानन में पुलिसकर्मी आग बुझाकर मोनू को मंधना के एक निजी अस्पताल ले गए। अस्पताल के बाहर हंगामे की सूचना पर सीओ कल्याणपुर अजय कुमार अपने सर्किल के थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया। इसके बाद पुलिस ने सोनू को भी छोड़ दिया।
घटना की जानकारी देता पीड़ित का भाई
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने घटना को छिपाने की भी कोशिश की। झुलसे मोनू को पुलिसकर्मी चुपचाप रामा हास्पिटल ले गए। अस्पताल के बाहरी तरफ स्थित एक कमरे में रखकर उसका इलाज शुरू कराया। जब मीडिया कर्मी वहां पहुंचे तब डॉक्टरों ने उसे बर्न वार्ड में भर्ती किया। एडीजी जाेन प्रेम प्रकाश ने बताया पुलिस हिरासत में मोनू का झुलसना गंभीर बात है। मोनू ने खुद को आग लगाई या उसे थर्ड डिग्री दी गई, इसकी जांच कराई जाएगी। मामले में कहीं न कहीं थानेदार की लापरवाही है।