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यूपी: हरदोई की बहू आईपीएस निताशा एक्सीलेंस अवार्ड के लिए चयनित, भागलपुर में एसएसपी पद पर हैं तैनात 

Fri, 13 Aug 2021 08:36 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
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एक्सीलेंस अवार्ड के लिए चयनित जिले की बहू आईपीएस निताशा - फोटो : amar ujala
हरदोई के हरपालपुर ब्लाक के गांव पलिया की बहू आईपीएस निताशा गुड़िया को उनकी पुलिस सेवाओं के लिए यूनियन होम मिनिस्टर्स मेडल फॉर एक्सीलेंस अवार्ड 2021 के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 15 अगस्त को सम्मानित किया जाएगा। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार के लोगों ने खुशी जताई। आईपीएस अधिकारी निताशा वर्तमान में बिहार के जिला भागलपुर में एसएसपी हैं। उनके आईपीएस पति सत्यवीर सिंह यादव बिहार के मुंगेर जनपद में बिहार विशेष सशस्त्र बल में कमांडेंट पद पर तैनात है। पति-पत्नी दोनों 2008 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। निताशा ने बेतिया में एसपी पद पर रहते हुए एक हत्याकांड का खुलासा मात्र आठ दिन में आरोपी को दिल्ली से पकड़कर किया था। इससे वहां का सामाजिक सौहार्द्र बिगड़ने से बच गया था। निताशा मूल रूप से दिल्ली की हैं और उनके पिता इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन से सेवानिवृत्त हैं।

 
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परिवार के साथ आईपीएस निताशा - फोटो : amar ujala
उन्होंने दिल्ली विवि से स्नातक और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल स्टडीज (टिस) से मास्टर की डिग्री हासिल की है। उनके पति सत्यवीर सिंह यादव गांव पलिया निवासी शिक्षक अशोक यादव के बेटे हैं। उनकी शिक्षा भी पलिया गांव में ही हुई। वह भी बिहार में ही तैनात हैं। 

 
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आईपीएस निताशा - फोटो : amar ujala
बेतिया की घटना के बाद नजरों में आईं एसपी निताशा
एसपी सत्यवीर ने फोन पर बताया कि घटना 22 अगस्त, 2019 की है। उस रात बेतिया के इंडस्ट्रियल एरिया लालूनगर में एक कटा सिर मिला था। फिर 23 अगस्त की सुबह उसी क्षेत्र में तीन टुकड़ों में क्षत-विक्षत शव एक बोरे में मिला। वहां के निवासी अख्तर हुसैन ने शव को अपने बेटे खालिद हुसैन का बताते हुए शहर के नामचीन व्यवसायी रोहित सिकारिया और उनकी पत्नी नगर पंचायत सभापति गरिमा सिकारिया पर हत्या का आरोप लगा रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

 

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आईपीएस निताशा - फोटो : amar ujala
इस घटना के बाद बेतिया का सामाजिक सौहार्द्र बिगड़ने लगा। एसपी निताशा मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुट गईं। खालिद को दिल्ली से पकड़कर ले आईं। उन्होंने यह साबित किया था कि जिसकी हत्या हुई थी। उसे खालिद व उसके साथियों ने ही मारा था।
 
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आईपीएस निताशा - फोटो : amar ujala
इसके बाद वह दिल्ली भाग गया था। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय द्वारा पुलिस के उच्च अधिकारियों को यह अवार्ड 15 अगस्त को उपलब्ध करा दिए जाएंगे। इसके बाद जोनल उच्च अधकिारियों द्वारा 20 अगस्त तक कार्यक्रम की रूपरेखा तय कर उन्हें दिया जाएगा। 
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