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UP Board Result 2020: कोई ड्राइवर का बेटा, किसी के पिता रिक्शा चालक, आठवीं के बाद पढ़ने से रोका भी गया, अब लहराया परचम

Sat, 27 Jun 2020 10:04 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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हाईस्कूल इंटरमीडिएट में परचम लहराने वाले विद्यार्थी - फोटो : अमर उजाला
मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद इन लाइनों को आर्थिक आभाव में रहकर पढ़ाई कर अव्वल आने वाले बच्चों ने सच कर दिखाया है। पढि़ए इनके संघर्ष की कहानी....
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आयुषी को मिठाई खिलाते माता पिता - फोटो : अमर उजाला
पुरानी किताबों से की पढ़ाई, कानपुर में तीसरी रैंक आई
कानपुर में बिधनू के गंगापुर कॉलोनी निवासी अशोक कुमार साहू ई-रिक्शा चालक हैं। उनकी बेटी आयुषी साहू यशोदा नगर स्थित पंडित रघुनाथ प्रसाद मिश्रा इंटर कॉलेज में 12वीं की छात्रा हैं। आयुषी ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने हाईस्कूल और इंटर की पुरानी किताबें खरीदकर पढ़ाई की है। बताया कि इस महामारी में ऑनलाइन ही पढ़ाई एकमात्र विकल्प है। पढ़ाई में एकाग्रता जरूरी है। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के खुदकुशी के मामले पर आयुषी ने कहा कि आप अपने ऊपर किसी भी चीज को हावी न होने दें। आप जितना संघर्षों से लड़ेंगे, उतना ही व्यक्तित्व का विकास होगा। आयुषी आईएएस बनना चाहती हैं। मां माया साहू गृहिणी हैं। 

 
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मां के साथ खुशी का इजहार करती राखी - फोटो : अमर उजाला
मजदूर की बेटी ने लहराया परचम
कानपुर में नौबस्ता, योगेंद्र विहार निवासी मजदूर रामप्रताप वर्मा की बेटी राखी वर्मा ने इंटर में 87.80 फीसदी अंक हासिल कर शहर में नौवां स्थान पाया है। राखी शिवाजी इंटर कॉलेज, अर्रा बिनगवां की छात्रा हैं। उनकी मां कुसुम वर्मा गृहणी हैं। बड़ा भाई शुभम प्राइवेट जॉब करता है। दूसरा भाई शिवम बीएससी की पढ़ाई कर रहा है। राखी ने हाईस्कूल की परीक्षा में 93 फीसदी अंक हासिल कर प्रदेश में सातवां स्थान पाया था। वह आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं। सुशांत सिंह राजपूत के सुसाइड पर उन्होंने कहा कि व्यक्ति को हर चीज का सामना करना चाहिए। ऐसे कदम उठाना कोई रास्ता नहीं होता है। उन्होंने उपलब्धि का श्रेय  माता-पिता व शिक्षकों को दिया। 

 

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भाई मां और बहन के साथ रत्नप्रिया - फोटो : अमर उजाला
आठवीं के बाद नहीं पढ़ाना चाहते थे पिता, शहर में तीसरी रैंक
कानपुर ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज की छात्रा रत्नप्रिया ने इंटर में 89 फीसदी अंकों के साथ सिटी में तीसरी रैंक हासिल की है। पिता सुधीर कुमार बिहार में शिक्षक और मां संजीता गृहिणी हैं। रत्नप्रिया ने बताया कि बिहार में आई बाढ़ से काफी नुकसान हो गया था, इस वजह से पापा ने आठवीं के बाद पढ़ाने से मना कर दिया था। फिर स्कूल ने फीस माफ कर दी तो आगे की पढ़ाई कर पाई। बताया कि यहां पर स्कूल के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई की। वह ऑनलाइन पढ़ाई के पक्ष में नहीं हैं। रत्नप्रिया ने बताया कि नंबर उनके मुताबिक नहीं आए हैं।

 
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पत्र वितरक पिता के साथ बेटी और मां - फोटो : अमर उजाला
पत्र वितरक की बेटी ने चौथे स्थान पर जमाया कब्जा
कानपुर में बिठूर क्षेत्र के लुधौरी गांव के पत्र वितरक भैरव प्रसाद राजपूत की बेटी आकांक्षा ने हाईस्कूल की परीक्षा में 93.50 प्रतिशत अंक पाकर जिले में चौथा स्थान पाया। सिंहपुर स्थित द मॉडल इंटरमीडिएट स्कूल की छात्रा आकांक्षा ने रोजाना पांच से छह घंटे पढ़ाई कर सफलता पाई है। बताती हैं आर्थिक समस्या होने के बावजूद घर वालों में हमेशा हौसला बढ़ाया। आकांक्षा सिविल इंजीनियर बनना चाहती हैं। बताया कि उनको सोशल मीडिया पसंद नहीं है। गणित पसंदीदा विषय है। सफलता का श्रेय प्रिंसिपल लक्ष्मी अग्निहोत्री और माता-पिता को दिया। मां शारदा गृहिणी हैं। 
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शरद कुशवाहा का मुंह मीठा कराते प्रधानाचार्य - फोटो : अमर उजाला
ट्रक ड्राइवर के बेटे ने पढ़ाई को खुद तैयार किए नोट्स
कानपुर में विराट नगर अहिरवां में किराये के घर पर रहने वाले शरद कुशवाहा ने इंटर में 83.20 प्रतिशत अंक पाकर पिता का नाम रोशन किया है। मूल रूप से फतेहपुर के खदरा गांव निवासी पिता रामकिशोर ट्रक ड्राइवर हैं। बीएलएम इंटर कॉलेज के छात्र शरद ने बताया कि पैसों की दिक्कत के चलते कोचिंग-ट्यूशन तो जा नहीं पाया तो पढ़ने के लिए खुद नोट्स तैयार किए। सोशल मीडिया से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था। वह एनडीए में चयनित होकर सेना में अफसर बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। मां शशिप्रभा गृहिणी हैं। एक बड़ी बहन और छोटा भाई है।
 
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