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यूपी: बारिश में ढहा 100 साल पुराना मकान, मां-बेटी की मौत, भाई के पास नहीं थे अंतिम संस्कार के पैसे

Sat, 15 Aug 2020 12:41 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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बारिश में ढह गया 100 साल पुराना मकान - फोटो : amar ujala
कानपुर हटिया बर्तन बाजार में हुए हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस, फायर बिग्रेड, सेना के जवान और एसडीआरएफ की टीम करीब 6.30 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मां-बेटी के शव को मलबे से बाहर निकाल सकी। स्थानीय लोगों की माने तो गुरुवार करीब रात 8:30 बजे मकान के एक हिस्से में उगा पीपल का पेड़ भरभराकर गिरने लगा।

 
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बारिश ढहा मकान, मां बेटी की मौत - फोटो : amar ujala
मकान में फैली उस पेड़ की जड़ों के चलते एक हिस्से की दीवार भी गिर गई। हादसे के दौरान मां और बेटी को छोड़कर मकान में रहने वाले परिवार बाहर निकल आए। लोगों की सूचना के आधे घंटे बाद पुलिस और दमकल मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। मलबा हटाने के लिए चार जेसीबी लगाई गई।

 
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मलबे में दबे बर्तन - फोटो : amar ujala
इस बीच सेना और एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई। जेसीबी से मलबा हटाया ही जा रहा था तभी देर रात ढाई बजे मलबे में फंसी मां मीना का एक हाथ और बेटी प्रीति का सिर दिखाई दिया। इसके बाद जेसीबी को रुकवा दिया गया और हाथ से ही मलबा हटाया जाने लगा। करीब तीन बजे दोनों शवों को मलबे से निकालकर हैलट भेजा गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 

 

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रोते बिलखते परिजन - फोटो : amar ujala
शरीर की सारी हड्डियां टूटीं
डॉक्टरों की टीम ने मां-बेटी का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मां बेटी के शरीर की सारी हड्डियां टूटी मिली। जिसके चलते शरीर के भीतर की सारी नसें फट गई। अधिक रक्तस्राव से मौत की पुष्टि हुई है। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर बड़े बेटे राहुल को दोनों शव सौंप दिए। भैरव घाट में बड़े बेटे राहुल ने मां और बहन के शव को मुखाग्नि दी। 

 
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मौके पर तैनात फोर्स - फोटो : amar ujala
दोस्तों से कर्ज लेकर की अंत्येष्टि
हादसे में मां-बेटी की मौत के बाद दोनों बेटों के अलावा परिवार का कोई सदस्य वहां नही पहुंचा। रिश्तेदार के नाम पर भी महज उनके मामा और मोहल्ले के रहने वाले दोस्त पहुंचे थे। राहुल ने बताया कि हादसे में रुपये पैसे भी मां बहन के साथ मलबे में दब गए। पोस्टमार्टम के बाद दाहसंस्कार करने के लिए रुपये भी नही थे। जिसके बाद उन्होंने दोस्तों से कर्ज लेकर मां और बहन का भैरव घाट पर अंतिम संस्कार किया। 

 
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मकान का मलबा - फोटो : amar ujala
सिर से उठा माता-पिता का साया
बड़े बेटे राहुल ने बताया कि कुछ साल पहले उनके पिता रामशंकर की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। पिता की मौत क बाद वह अपने भाई रिंकू के साथ मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। हादसे में अब मां और बहन की भी मौत हो गई। माता पिता की मौत के बाद दोनों भाई अनाथ हो गए। अब उन्हें देखने वाला कोई नही है।
 
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