उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र में दुष्कर्म पीड़िता को आग से जलाने के मामले की जांच कर रही पुलिस ने मुख्य आरोपी शिवम के दोस्त अभिषेक को भी उठाया है। शिवम की गांव में रहने वाले इस दोस्त से घटना से कुछ देर पहले मोबाइल पर बात हुई थी। अभिषेक के पूछताछ के आधार पर उसके एक और साथी को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
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घटनास्थल पर पुलिस एवं अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
आईजी ने पीड़िता का नाम किया सार्वजनिक
घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद दुष्कर्म पीड़िता के गांव पहुंचे आईजी एसके भगत ग्रामीणों से घटना की जानकारी लेने के बाद मीडिया से रूबरू हुए। अपने बयान में उन्होेंने दुष्कर्म पीड़िता का नाम लेते हुए कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर डाला। बयान सार्वजनिक होते ही अधिकारियों ने मीडिया को जानकारी देने के इरादे से नाम लेने की सफाई दी।
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आईजी ने पीड़िता का नाम किया सार्वजनिक
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मंडलायुक्त के निर्देश गठित हुई एसआईटी
दुष्कर्म पीड़िता को पेट्रोल डालकर जलाए जाने की घटना ने तूफान खड़ा दिया। कई राजनैतिक दलों के नेताओं ने सरकार को घेरते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए, तो लखनऊ से अधिकारी घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। आईजी के बाद गुरुवार दोपहर तीन बजे पीड़िता के गांव पहुंचे मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम ने भी डीएम और आईजी समेत अन्य अधिकारियों से घटना की जानकारी ली।
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मौके पर जांच करती फॉरेसिंक टीम
- फोटो : अमर उजाला
वह आरोपियों के घर भी गए और परिवार के लोगों से पूछताछ की। मंडलायुक्त ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसपी विक्रांतवीर को एसआईटी (विशेष जांच दल) गठित करने के निर्देश दिए। एसपी ने एएसपी विनोद कुमार पांडेय के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है।
देर रात पीड़िता को दिल्ली भेजा गया
- फोटो : अमर उजाला
इसमें एसओ बिहार अजय कुमार त्रिपाठी, क्राइम ब्रांच प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह, स्वॉट, सर्विलांस प्रभारी विकास पांडेय, भगवंतनगर चौकी प्रभारी वीरेंद्र यादव, व सर्विलांस सेल में तैनात मोहम्मद जब्बार को टीम में शामिल किया गया है।