उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के चाचा ने न्याय की लड़ाई में मोबाइल को हथियार बनाया था। विधायक के करीबी भी फोन पर पीड़ित परिवार को मुकदमे में सुलह के लिए धमकाते रहे। हालांकि पीड़ित परिवार ने फोन पर मिल रही धमकियों से बिना डरे उन्हें न्याय पाने के लिए साक्ष्य बना लिया। प्रत्येक कॉल को रिकॉर्ड कर चाचा ने उन्हें साक्ष्य के तौर पर सीबीआई को सौंपा।
विज्ञापन
2 of 7
पत्नी को मुखग्नि देता उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता का चाचा
- फोटो : अमर उजाला
चाचा ने न्याय व परिवार की सुरक्षा के लिए पीएमओ को मोबाइल से सौ से अधिक बार ट्वीट भी किया था। वर्ष 2017 में दिल्ली में रहकर कारोबार करने वाले चाचा ने लखनऊ के उच्चाधिकारियों के अलावा उन्नाव के सीओ, एसपी के पीआरओ, माखी थाने के एसओ, हल्का इंचार्ज के साथ ही विधायक, उनके भाई, मारपीट व एफआईआर दर्ज करने वाले विधायक के गुर्गों तक से बार-बार बात की थी।
विज्ञापन
3 of 7
पुलिस से भिड़ गया दुष्कर्म पीड़िता का चाचा
- फोटो : अमर उजाला
इन फोन कॉल ने घटना की वजह, दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज न होने के पीछे विधायक के दबाव, तहरीर में मनमुताबिक बदलाव के पीछे की वजहों की कलई खोली थी। किशोरी के चाचा ने फोन कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग को सोशल मीडिया के माध्यम से मीडिया तक पहुंचाया था।
4 of 7
उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता का परिवार
- फोटो : अमर उजाला
तीन अप्रैल 2018 को किशोरी के पिता की साथ की गई मारपीट और उसी को तमंचा रखने और मारपीट करने के आरोप में जेल भेजने और न्यायिक हिरासत में मौत होने की सूचना को भी सोशल मीडिया के जरिए मीडिया तक पहुंचाया गया था। अप्रैल 2018 में चाचा ने 100 से अधिक कॉल रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर शेयर करने के साथ सीबीआई को भी रिकॉर्डिंग सौंपी थी। उसने मोबाइल के अलावा एक सीडी और पेन ड्राइव भी सीबीआई को दी थी।
विज्ञापन
5 of 7
उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की कार इसी ट्रक में भिड़ी थी
- फोटो : अमर उजाला
चार माह में पीएमओ, सीएम व अफसरों को किए थे 107 ट्वीट
भाजपा से निलंबित विधायक कुलदीप सेंगर पर आरोप लगाने वाली किशोरी के चाचा ने न्याय के लिए जनवरी 2017 से चार अप्रैल 2017 के बीच पीएमओ, प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित सूबे के अन्य आला अधिकारियों को कुल 107 ट्वीट किए थे। हर ट्वीट में उसने भतीजी के लिए न्याय की गुहार लगाई गई। हालांकि सरकार ने तब इन शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया था।
विज्ञापन
6 of 7
उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के घर पर तैनात पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
प्रार्थनापत्रों की 512 फोटो कॉपी व 60 ऑडियो क्लिप सीबीआई को दी थीं
विधायक और उनके गुर्गों के खिलाफ पीड़िता के चाचा ने शिकायतों और फर्जी जांच रिपोर्टों का पुलिंदा सीबीआई को सौंपा था। चाचा ने एक साल में 65 अगल-अलग शिकायत की थीं। सभी शिकायतों और मिले जवाब की फोटो कॉपी के 512 पेज तैयार कर सीबीआई को दिए थे। इसके अलावा ऑडियो क्लिप की 24 सीडी भी सीबीआई को दी थी। जिनकी जांच चल रही है।
हादसे के बाद उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की कार के परखच्चे उड़ गए थे
- फोटो : अमर उजाला
पीड़ित परिवार पर मानहानि के पांच मुकदमे
आठ माह लापता रही पीड़ित किशोरी के 21 जून 2017 को मिलने के बाद भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ सोशल मीडिया पर कई तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी और पर्चे बांटे गए थे। अक्तूबर 2017 को विधायक के एक समर्थक ने मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। अगले ही महीने नवंबर 2017 को एक समर्थक ने आईटी एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया था। विधायक पक्ष की ओर से पीड़िता के पिता पर मानहानि का एक और चाचा व चाची के खिलाफ मानहानि के चार मुकदमे दर्ज करा रखे हैं। जिनकी सुनवाई चल रही है।