रायबरेली जिले के गुरुबख्शगंज में उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की रहस्यमय कार हादसे की जांच केंद्र सरकार ने सीबीआई को सौंप दी है। बुधवार को सीबीआई ने विधायक कुलदीप सेंगर समेत 10 नामजद व 20 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कर अपनी तफ्तीश भी शुरू कर दी। इससे विधायक के करीबियों में एक बार फिर दहशत फैल गई है।
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कुलदीप सिंह सेंगर (फाइल फोटो)
जल्द ही सीबीआई करीबियों से पूछताछ भी कर सकती है। पूछताछ व कार्रवाई से बचने के लिए करीबियों ने भूमिगत होना शुरू कर दिया है। दुष्कर्म पीड़िता के साथ रायबरेली में हुए कार हादसे की जांच सीबीआई को सौंपने की संस्तुति प्रदेश सरकार ने की थी। केंद्र सरकार ने बिना देरी किए जांच सीबीआई को सौंप दी।
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भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर प्रकरण (फाइल फोटो)
बुधवार को सीबीआई की टीम ने घटनास्थल पर पहुंच बारीकी से निरीक्षण किया और कुछ लोगों से पूछताछ भी की। सीबीआई ने रविवार को हुए हादसे में विधायक कुलदीप सेंगर व उनके भाई मनोज सेंगर समेत 10 नामजद व 15-20 अज्ञात लोगों पर हत्या व आपराधिक साजिश रचने की रिपोर्ट दर्ज की है।
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आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, सहआरोपी शशि सिंह (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में विधायक के गांव व शहर स्थित आवास में लगातार सक्रिय रहने वाले लोग अब गायब हो चुके हैं। सूत्रों की माने तो जल्द ही सीबीआई दोबारा पीड़िता के गांव पहुंचेगी और विधायक के करीबियों से घटना के संबंध में पूछताछ करेगी। इसके अलावा उन लोगों से भी पूछताछ की जाएगी जो लगातार विधायक से मिलने जेल पहुंच रहे थे।
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कुलदीप सिंह सेंगर एवं दुष्कर्म पीड़िता (फाइल फोटो)
वहीं गुरुवार को उन्नाव एसएसपी ने दुष्कर्म पीड़िता की सुरक्षा में तैनात किए गए छह पुलिस कर्मियाें में से तीन को निलंबित कर दिया है। यह वो तीन पुलिस कर्मी हैं जिन्हें हमेशा पीड़िता के साथ रहना था। हादसे के वक्त ये तीनों पीड़िता के साथ मौजूद नहीं थे। जिसकी वजह पुलिस ने पीड़िता की कार में बैठने के लिए पर्याप्त जगह न होना बताया था।
इसी के साथ भाजपा ने गुरुवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से निलंबन के बाद अब निष्कासित भी कर दिया है। जिसके बाद जिले में उनका रूतबा और 25 सालों में खड़ा किया गया राजनीति का साम्राज्य ढहता हुआ नजर आ रहा है।