उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र में आग से जलाकर मारी गई दुष्कर्म पीड़िता के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद एसआईटी (विशेष जांच दल) ने जांच तेज कर दी है। जांच में टीम ने अब तक सामने आए सभी तथ्यों को शामिल किया है। उन्नाव कांड के बाद पूरे यूपी के राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई थी।
विज्ञापन
2 of 5
दुष्कर्म पीड़िता के अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद भारी फोर्स और भीड़
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को जांच दल का नेतृत्व कर रहे एएसपी विनोद कुमार पांडेय ने जेल पहुंचकर सभी आरोपियों के बयान दर्ज किए। लगभग डेढ़ घंटे वह जेल में रुके। एएसपी विनोद कुमार पांडेय जिला जेल पहुंचे। जेल अधीक्षक एके सिंह से मिलने के बाद उन्होंने जलाकर मारी गई दुष्कर्म पीड़िता के सभी आरोपितों को बुलाकर एक-एककर सभी के बयान दर्ज किए।
विज्ञापन
3 of 5
दुष्कर्म पीड़िता के पिता बेटी को दफना फफक फफक कर रोए
- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों की मानें तो एएसपी ने सामूहिक दुष्कर्म के मुख्य आरोपी शिवम व शुभम से वर्ष 2018 से शुरू हुए घटनाक्रम से लेकर दुष्कर्म पीड़िता को जलाए जाने वाले दिन तक वह कहां रहे, दोनों के बीच कब कब क्या बात हुई, आदि बिंदुओं पर पूछताछ कर बयान दर्ज किए। सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने एएसपी को बिंदुवार घटनाक्रम की जानकारी दी। बयान के दौरान करीब डेढ़ घंटे जेल में बिताने के बाद एएसपी चले गए।
4 of 5
दुष्कर्म पीड़िता के अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद भीड़
- फोटो : अमर उजाला
रायबरेली के वकील के भी दर्ज होंगे बयान
एसपी विक्रांतवीर ने बताया कि सोशल मीडिया पर दुष्कर्म पीड़िता के साथ रायबरेली के वकील की जो वाट्सएप चैटिंग वायरल हुई है, उसे भी जांच के दायरे में लिया गया है। बताया कि शीघ्र ही उस वकील के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
ये है पूरा मामला
उन्नाव में गुरुवार को दुष्कर्म पीड़िता पर आरोपियों ने पेट्रोल डालकर उसे जलाकर मारने की कोशिश की थी। इसमें पीड़िता 90 फीसदी जल गई थी। चश्मीदीदों के मुताबिक पीड़िता आग लगने के बाद करीब एक किमी तक मदद की गुहार लगाते हुए दौड़ती रही थी। यहां तक की उसने खुद ही 112 पर फोन कर पुलिस को घटना की जानकारी दी थी, जिसके बाद वहां पुलिस की टीम और एंबुलेंस पहुंची थी। 44 घंटे तक जिंदगी से जंग लड़ने के बाद आखिर में उसकी सांसें थम गईं। रविवार को दुष्कर्म पीड़िता को उन्नाव स्थित उसके गांव में दादी बाबा के पास ही दफनाया गया।