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UP: रातभर जागे थे दीवान…आई झपकी और उजड़ गया परिवार, बुजुर्ग पिता बोले- हमारा सहारा छिन गया, पढ़ें उन्नाव हादसा

Wed, 26 Feb 2025 06:20 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव

सार

Unnao Accident News: हादसे की प्राथमिक जांच में पता चला है कि झपकी आने से कार अनियंत्रित हुई और रफ्तार तेज होने से वह डिवाइडर पार करते हुए दूसरी लेन में पहुंच गई। जांच में सड़क पर भी टायरों या किसी अन्य तरह के कोई निशान नजर नहीं आ रहे हैं, जिनसे किसी और वाहन की टक्कर लगने या किसी वाहन से बचने की कोशिश में हादसा होने का संभावना नजर आए।
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unnao road accident - फोटो : amar ujala
उन्नाव जिले के बांगरमऊ कस्बे में जरा सी लापरवाही हादसे की वजह बनी और पल भर में एक परिवार उड़ गया। बुजुर्ग माता-पिता से उनका बुढ़ापे का इकलौता सहारा छिन गया। दो मासूम पौत्र-पौत्री भी दुनिया में नहीं रहे और बहू जिंदगी-मौत से जूझ रही है। हादसे में मृत दीवान राघवेंद्र के पिता विश्वेश्वर दयाल ने बताया कि बेटा लखनऊ में परिवार के साथ किराये पर रहता था और वहीं ड्यूटी कर रहा था।

सोमवार को बेटे की ससुराल उरई में साले की शादी थी। परिवार सहित वह (राघवेंद्र) शामिल होने गए थे। मंगलवार को छुट्टी न होने से देर रात बरात से घर लौटे थे। बहू ने जेवर व अन्य सामान घर में रखा। कुछ देर रुकने के बाद लखनऊ के लिए रवाना हो गए थे। पिता ने बताया कि बेटा साल 2014 में सिपाही के पद पर तैनाती हुई थी। दो महीने पहले ही हेड कांस्टेबल के पद पर प्रमोशन हुआ था, घर में खुशियां थीं, लेकिन यह नहीं पता था कि पल भर में सब उजड़ जाएगा।
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unnao road accident - फोटो : amar ujala
आसपास कोई सीसीटीवी नहीं लगा है
सीओ अरविंद कुमार चौरसिया ने बताया कि झपकी आने से कार अनियंत्रित हुई और रफ्तार तेज होने से वह डिवाइडर पार करते हुए दूसरी लेन में पहुंच गई। उन्होंने बताया कि आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। जांच में सड़क पर भी टायरों या किसी अन्य तरह के कोई निशान नजर नहीं आ रहे हैं, जिनसे किसी और वाहन की टक्कर लगने या किसी वाहन से बचने की कोशिश में हादसा होने का संभावना नजर आए।
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unnao road accident - फोटो : amar ujala
तीनों के शव देख बेसुध हुए वृद्ध माता-पिता, लोगों ने बंधाया ढांढस
बांगरमऊ। हादसे में इकलौते बेटे के साथ पौत्र, पौत्री की मौत और बहू की गंभीर हालत होने की खबर मिलते ही जलनिगम से सेवानिवृत्त वृद्ध पिता विश्वेश्वर दयाल और मां कांती अन्य परिजनों के साथ बांगरमऊ सीएचसी पहुंचीं। तीनों शव देख परिजन बेहाल हो गए। बेटे के साथ उसके दोनों बच्चों को देख वृद्ध पिता चीख पड़ा। बोला, छुट्टी पर घर कौन आएगा, रोजाना फोन पर तबीयत का हालचाल कौन पूछेगा, बाबा कहकर कौन बुलाएगा।

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unnao road accident - फोटो : amar ujala
भाई और भतीजों की मौत से पूरा परिवार बिखर गया
पिता ने बताया कि पौत्र साथ जाना नहीं चाहता था। वह बाबा-दादी के पास रुकने की जिद कर रहा था, लेकिन बेटे ने पढ़ाई की बात कहते हुए उसे अपने साथ ले जाने की बात कही थी। यह नहीं पता था ऐसी अनहोनी होगी और पूरा परिवार उजड़ जाएगा। राघवेंद्र की दो बहनों में चित्रा, सुचित्रा हैं, दोनों की शादी हो चुकी है। भाई और भतीजों की मौत से पूरा परिवार बिखर गया। गंभीर घायल नंदिनी अंतिम समय भी पति और बच्चों का चेहरा नहीं देख पाईं। लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है, अन्य परिजन देखरेख के लिए साथ चले गए।
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unnao road accident - फोटो : amar ujala
ट्रैवलर में सोते आ रहे थे श्रद्धालु, अचानक बस पलटी, मची चीख-पुकार
बांगरमऊ सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर हुए ट्रैवलर सवार शांतीमोहन, उनकी पत्नी अर्चना और अनीता कुमार ने बताया कि हम सभी 21 फरवरी को महाकुंभ जाने के लिए निकले थे। 22 को महाकुंभ में स्नान करने के बाद 23 को बनारस काशी विश्वनाथ जी के दर्शन किए। 24 को अयोध्या दर्शन करने के बाद 25 की रात एक बजे घर के लिए निकले थे। चालक आराम से गाड़ी चला रहा था। भोर पहर आधी सवारियां सो रहीं थीं।
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unnao road accident - फोटो : amar ujala
ऑन कॉल डॉक्टरों को बुलवाया
अचानक से बस लहरी और पलट गई, समझ में ही नहीं आया कि हुआ क्या, जो लोग जग रहे थे, उन्होंने एक कार को डिवाइडर तोड़कर आते देखा था। बाद में पता चला कि कार सवार लोगों की कुछ की मौत हो गई। जिला अस्पताल के इमरजेंसी में घायलों को सही इलाज न मिलने पर उनकी स्टॉफ से कहासुनी भी हुई। घायलों का कहना था कि जिन लोगों के खून निकल रहा था, उनकी तो पट्टी कर दी गई, लेकिन जिनको अंदरूनी चोटें थीं, उनका दर्द होता रहा, इंजेक्शन तक समय पर नहीं लगाया गया। मामला सीएमएस तक पहुंचा तो उन्होंने ऑन कॉल डॉक्टरों को बुलवाकर सभी को दिखवाया तब सही से इलाज शुरू हुआ।
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घायल होने के बाद भी दीवान ने बच्चों को बचाने का किया प्रयास
कार में फंसे शवों को निकालने में देवखरी पुलिस चौकी में तैनात हेड कांस्टेबल मो. इरशाद भी कांच लगने से घायल हुए, लेकिन उन्होंने बच्चों के जिंदा होने की उम्मीद को देखते हुए घायलावस्था में भी पूरी मेहनत की लेकिन बचा नहीं पाए। बाद में सीएचसी आकर उन्होंने अपना इलाज कराया। उनके इस काम की सभी ने सराहना की।
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unnao road accident - फोटो : अमर उजाला
ये था पूरा मामला
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर दीवान को झपकी आने से कार बेकाबू होकर डिवाइडर की सुरक्षा जाली तोड़ते हुए दूसरी लेन पर श्रद्धालुओं से भरी ट्रैवलर से टकरा गई। हादसे में दीवान और दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि पत्नी की हालत गंभीर है। ट्रैवलर पलटने से 29 श्रद्धालु घायल हुए हैं। इनमें से 10 को सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया। श्रद्धालु अयोध्या से दिल्ली जा रहे थे।
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