यूपी के कानपुर देहात में बिना बैंड-बाजे के आई दो सगी बहनों की बरात बिना दुल्हन के ही लौट गई। यहां दूल्हों की इस आदत का पता लगते ही वधुओं के पिता ने कन्यादान से इनकार कर दिया। रात भर चली पंचायत के बाद आज सुबह दोनों की बरात बिना दुल्हन के ही वापस लौट गई।
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विवाह के लिए लगा मंडप
- फोटो : अमर उजाला
यह मामला मंगलपुर थाना क्षेत्र के मनेपुर गांव का है। यहां गांव निवासी रामखिलावन ने अपनी पुत्री गीता (20) का विवाह ब्रजेन्द्र पुत्र रामस्वरूप निवासी कांधी की मढैया व छोटी पुत्री माया (18) का विवाह ब्रजेंद्र के चचेरे भाई अजय पुत्र राज कुमार के साथ तय किया था।
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घर पर रखा दहेज का सामान
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार रात ब्रजेंद्र व अजय बरात लेकर मनेपुर गांव पहुंचे। जैसे ही घराती बरातियों को नाश्ता कराने गए तो वहां बैंड-बाजा न देख वधु पक्ष के लोगों में बहस होने लगी। इसके बाद जब दोनों
दूल्हों को नास्ता देने पहुंचे तो वे नशे में लड़खड़ाते दिखे।
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घर पर रखा दहेज का सामान
- फोटो : अमर उजाला
दूल्हों के नशे में होने की जानकारी वधुओं के पिता को मिली तो दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। इसके बाद पिता ने विवाह करने से इंकार कर दिया। पूरी रात दोनों पक्ष के लोगों में पंचायत चली। इसके बाद भी पिता ने दोनों बेटियों की विदाई करने से इनकार कर दिया।
मंगलवार सुबह करीब 10 बजे दोनो बरातें बिना दुल्हन के ही वापस लौट गईं। पिता रामखिलावन ने बताया कि दूल्हों ने शराब पी रखी थी। इसीलिए पुत्रियों का विवाह नहीं किया है।