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समलैंगिक विवाह करने वाली लड़कियों के विचार करेंगे हैरान, पढ़ें उन्नाव और हमीरपुर की ये सच्ची कहानी

Sat, 29 Dec 2018 05:00 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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यूपी के छोटे जिलों में लड़कियों के समलैंगिक विवाह के चर्चे अब आम होते जा रहे हैं। एक ओर कस्बों से निकलकर पढ़ी-लिखी लड़कियां पश्चिम संस्कृति और कोर्ट के आदेश का हवाला देकर अपने रिश्तों को जायज ठहराने लगी हैं  तो दूसरी ओर हमारी भारतीय संस्कृति और समाज आज भी लड़की और लड़कों के समलैंगिग संबंधों को स्वीकार करने में आपत्ति जता रहा है।
पढ़िए उन्नाव और हमीरपुर जिले की ये दिलचस्प कहानी, जिसमें समलैंगिक विवाह करने वाली लड़कियों ने अपने विचार भी व्यक्त किए हैं....
 
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उन्नाव अजगैन थानाक्षेत्र निवासी युवती के मुंबई में मौसी से विवाह करने के मामले में शनिवार को पुलिस ने कोई भी कार्रवाई से इंकार कर दिया। पुलिस का कहना है कि समलैंगिक विवाह करने वाली दोनों युवतियां बालिग हैं। ऐसे में कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। अजगैन कोतवाली के एक गांव निवासी युवती 20 नवंबर को मुंबई चली गई थी। मुंबई में उसने हमउम्र नजदीकी रिश्तेदार युवती से कोर्ट मैरिज कर ली। परिजनों के अनुसार जिस युवती से बेटी ने शादी है वह रिश्ते में मौसी लगती है। समलैंगिक विवाह की जानकारी हुई तो उन्होंने मुंबई में रहने वाले बेटों को जानकारी दी।
 
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भाइयों ने दबाव बनाया तो युवतियों ने मुंबई के ही एक थाने में मारपीट का मुकदमा दर्ज करा दिया। इस बीच पिता ने अजगैन पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने मुंबई पुलिस से संपर्क कर जानकारी ली तो पता चला कि दोनों लड़कियों ने खुद के बालिग होने का प्रमाण पत्र दिया। ऐसे में अजगैन पुलिस ने भी कार्रवाई करने में असमर्थता जता दी। अजगैन एसओ अनिल सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश के अनुसार समलैंगिक विवाह गैर कानूनी नहीं है। ऐसे में पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर सकती।
 

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हमीरपुर मुख्यालय में शुक्रवार को रजिस्ट्रार कार्यालय में दो समलैगिंक युवतियों ने एक दूसरे के गले में माला डालकर शादी रचा ली थी। युवतियों ने विवाह कर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया। शुक्रवार को युवतियों ने डीएम को पत्र भेजकर स्थानीय पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने की मांग की है। उधर रजिस्ट्रार ने समलैंगिक शादी से जुड़ा कोई भी जीओ विभाग में न पहुंचने का हवाला देकर शादी से इनकार कर दिया। मगर शादी की जिद में अड़ी दोनों लड़कियों ने एक दूसरे को जयमाला पहनाकर शादी कर ली।
 
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हमीरपुर राठ कस्बा के पठानपुरा मोहल्ला निवासी अभिलाषा ने डीएम को पत्र भेजकर बताया कि उसका प्रेम मुस्करा थानाक्षेत्र के कंधौली गांव निवासी दीपशिखा से चल रहा है। शुक्रवार को दोनों युवतियां मुख्यालय के रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंची और एक दूसरे को माला डाली। समलैंगिक विवाह के बाद युवतियों ने डीएम अभिषेक प्रकाश को संबोधित पत्र दिया। दिए गए नोटरी पत्र में कहा कि वह दोनो वचन वद्ध हैं। जिसमें कहा कि स्थानीय पुलिस उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न करें। वे दोनों बालिग हैं। कोर्ट ने समलैंगिक शादी पर मान्यता भी दे दी है।
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शुक्रवार को रजिस्ट्रार ऑफिस को प्रार्थना पत्र देने पर इस जोड़े को देखने के लिए कोर्ट परिसर में लोगों का तांता लगा रहा। सब रजिस्ट्रार रामकिशोर पाल ने कहा कि समलैंगिक शादी से जुड़ा विभाग में कोई शासनादेश नहीं है। इसी का हवाला देकर दोनों की शादी से इनकार कर दिया है। अभिलाषा के वकील  दयाशंकर तिवारी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक शादी को मान्यता दे दी है।
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समलैंगिक शादी रचाने वाली दो युवतियां पढ़ी लिखी है। कंधौली गांव निवासी दीपशिखा के पिता सुग्रीव परिषदीय विद्यालय में टीचर हैं। उसने बीए तक पढ़ाई की है। पिता ने बेटी की शादी कर दी थी। उसके एक बच्चा है। लेकिन दीपशिखा अपने पति का घर छोड़कर राठ कस्बे में रहने लगी वहीं उसकी मुलाकात अभिलाषा से हो गई। अभिलाषा भी इंटर तक पढ़ी है। उसके पिता प्रीतम सिंह मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं।
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समलैंगिक विवाह में दोनों ने सात वचनों के बजाए 11 बिंदुओं का शपथ पत्र रजिस्ट्रार के सामने प्रस्तुत किया। इसमें सात वचनों का भी जिक्र है।

1- दोनों मिलजुलकर निजी या सरकारी संस्थान में नौकरी करेंगे और एक दूसरे को कोई एतराज नहीं होगा
2- किसी भी व्यक्ति से शारीरिक संबंध नहीं बनाएंगे। बच्चे पैदा करने की इच्छा नहीं रखेंगे और इस संबंध में चिकित्सीय सलाह नहीं लेंगे।
3- दोनों आपसी सहमति से नाबालिग बच्चा या बच्ची गोद ले सकेंगे
4- अदालत में कोई चाराजोई (एक-दूसरे के खिलाफ फरियाद) नहीं करेंगे
5- बैंक में संयुक्त खाता खोलेंगे, कोई अलग खाता नहीं खोलेगा
6- दीपशिखा का अपने माता-पिता, भाई-बहन व पूर्व पति की चल-अचल संपत्ति कोई हक नहीं होगा, न ही जताएगी।
7- अभिलाषा अपने पिता के नाम दर्ज मकान में रहेगी और पिता की मौत के बाद उस पर मालिकाना हक रखेगी। वह माता, पिता, भाई, बहन को मकान से बेदखल नहीं करेगी।

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