यूपी के हरदोई जिले में सुरसा थाना अंतर्गत ओदरा पचलाई के मजरा छब्बापुरवा में शुक्रवार दोपहर नहाते समय दो सहेलियां तालाब में डूब गईं। साथ गई बालिका ने परिजनों को जानकारी दी तो भागकर वे मौके पर पहुंचे। जब तक उनको निकाला जाता, दोनों की मौत हो चुकी थी। देर रात जानकारी मिलने पर सुरसा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन परिजनों ने शवों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इस पर पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए। शनिवार को दोनों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया। दोनों सहेलियों की मौत से दोनों के परिवारों में ही नहीं बल्कि पूरे इलाके में मातम का माहौल था। दोनों सहेलियों के हरदम साथ रहने के किस्से लोगों की आंखें बार-बार नम कर रहे थे।
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रोशनी और शिल्पी की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
ग्राम ओदरा पचलाई के मजरा छब्बापुरवा निवासी रोशनी (13) पुत्री दुर्जन, शिल्पी (13) पुत्री किशनू उर्फ किशनपाल और सुधा (12) पुत्री राजेंद्र शुक्रवार अपराह्न लगभग तीन बजे गांव के किनारे स्थित तालाब में नहाने गईं थीं। नहाते समय रोशनी डूबने लगी तो शिल्पी भी उसे बचाने की कोशिश में गहरे पानी में चली गई। दोनों को डूबता देख सुधा वहां से भागी और गांव में परिजनों को जानकारी दी।
परिजन अन्य ग्रामीणों के साथ तालाब पर पहुंचे। लगभग डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद तालाब से रोशनी और शिल्पी के शव निकाले गए। दो बालिकाओं के डूबने की जानकारी पुलिस को रात लगभग आठ बजे हुई। पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ ही परिजनों से पूछताछ की। बच्चियों के पिता दुर्जन और किशनू खेती के अलावा मजदूरी करते हैं। परिजनों ने शवों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इस पर पुलिस ने पंचायतनामा भरने के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिए। शनिवार की सुबह परिजनों ने दोनों शवों का अंतिम संस्कार गंगा किनारे राजघाट पर कर दिया।
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इसी तालाब में डूबी थीं बच्चियां
- फोटो : अमर उजाला
चार भाइयों के बीच अकेली बहन थी रोशनी
रोशनी पांच भाई बहनों में चौथे नंबर की थी। वह चार भाइयों दधीचि, ब्रजेश, विमलेश और अमन के बीच अकेली बहन थी। इकलौती बहन की मौत पर उसके चारों भाई बिलख-बिलख कर रो पड़े। मां दुबका भी रोती रही। शिल्पी (13) भी पांच भाई-बहनों में चौथे नंबर की थी। उससे बड़े भाई चंद्रशेखर के अलावा बहन प्रज्ञा, शीला और श्रुति हैं। घटना के बाद मां कृष्णा का रो-रोकर हाल-बेहाल हो गया।
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शोकाकुल परिवार
- फोटो : अमर उजाला
साथ खेलीं सहेलियां, साथ पढ़ीं और साथ छोड़ गईं दुनिया
तालाब में डूबकर जान गंवाने वाली रोशनी और शिल्पी आपस में गहरी सहेली थीं। ग्रामीणों की मानें तो दोनों की उम्र में महज 20 दिन का अंतर था। रोशनी बड़ी और शिल्पी छोटी थी। दोनों ने एक साथ ही गांव के प्राथमिक विद्यालय में जाना शुरु किया था। इस वर्ष दोनों प्राथमिक विद्यालय की कक्षा 5 की छात्रा थीं। स्कूल साथ में जाना और साथ में वापस आना उनकी दिनचर्या मेें शामिल था। खेलकूद से लेकर खाना तक दोनों अक्सर साथ ही खा लेती थीं। गांव में दोनों का घर भी कुछ ही दूरी पर है।
कौन जानता था कि दोनों की दोस्ती इतनी पक्की निकलेगी कि दुनियां भी साथ ही छोड़ देेंगी। शिल्पी और रोशनी की जान एक दूसरे को बचाने में चली गई। रोशनी नहाते-नहाते गहरे पानी में चली गई तो चीखी। शिल्पी उसे बचाने के लिए गहरे पानी की ओर बढ़ गई। बताया जाता है कि सुधा ने शिल्पी को गहरे पानी में जाने से रोका भी, लेकिन दोस्ती के चलते शिल्पी आगे बढ़ते चली गई और फिर दोनों की डूब गईं ।