कानपुर में पत्नी और दो बच्चों को बेरहमी से खत्म करने वाले डॉक्टर सुशील का तो अंत हो गया लेकिन सवाल जस के तस बरकरार हैं। सबसे बड़ा सवाल है कि सुशील ने तिहरे हत्याकांड को अंजाम डिप्रेशन में दिया या कोई और वजह थी? इस सवाल का जवाब अब कभी नहीं मिल पाएगा। इसी तरह के तमाम अनसुलझे सवाल सुशील की मौत के बाद राज ही रहेंगे। दरअसल, सुशील ने सुसाइड नोट में कोरोना की वजह से डिप्रेशन में होने की बात लिखी थी। कुछ अपनी लापरवाही व आंखों की बीमारी के बारे में लिखा था। साथ ही यह भी लिखा था कि कोरोना से सब खत्म हो जाएंगे। वह अपने पीछे किसी को कष्ट में नहीं देखना चाहते हैं इसलिए पत्नी व बच्चों को मुक्ति के मार्ग पर छोड़ कर जा रहा हूं। सुशील की मौत होने की वजह से इन सभी बातों की पुष्टि नहीं हो सकेगी।
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kanpur triple murder: ओमिक्रोन से डरे डॉक्टर ने पत्नी और दो बच्चों को मार डाला
- फोटो : amar ujala
पत्नी और बच्चों की हत्या कर पैदल ही फरार हुआ था डॉक्टर
कल्याणपुर स्थित डिविनिटी होम्स अपार्टमेंट निवासी डॉ. सुशील ने तीन दिसंबर को पत्नी चंद्रप्रभा, बेटे शिखर व बेटी खुशी की हत्या कर दी थी। फिर पैदल ही घर से फरार हो गया था। एक नोट घर पर छोड़ गया था, जिसमें लिखा था कि वह कोरोना की वजह से डिप्रेशन में है। इसलिए खुद के मरने से पहले परिवार को मार रहा हूं। जिससे उनको कष्ट न हो। इस नोट के मिलने के बाद सीसीटीवी फुटेज से डॉक्टर की अटल घाट पर होने की पुष्टि हुई थी। उसके मोबाइल की आखिरी लोकेशन सरसैया घाट थी।
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triple murder: पत्नी चंद्रप्रभा के साथ डॉक्टर सुशील
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जैकेट और जेब से मिले दस्तावेजों से हुई डॉक्टर की पुष्टि
तब से पुलिस लगातार गंगा में सर्च अभियान चला रही थी। डीसीपी पश्चिम बीबीजीटीएस मूर्ति के नेतृत्व में जल पुलिस व गोताखोरों की टीम रविवार को भी शव की तलाश कर रही थी। दोपहर करीब 12 बजे सिद्धनाथ घाट के पास बीच गंगा में जल पुलिस के सिपाही मोती व गोताखोर अर्जुन निषाद व दीपक गुप्ता को शव दिखा। शव बाहर निकाला गया। शव के जैकेट व पैंट की जेब की तलाशी लेने पर सभी दस्तावेज मिले। जिससे सुशील के शव की पुष्टि हुई। कुछ ही देर में सुशील व चंद्रप्रभा के परिजन भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी शव की पहचान कर ली।
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triple murder: डिप्रेशन बता डॉक्टर ने किया पत्नी और दो बच्चों का कत्ल
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परिजन भी हैरान
चंद्र प्रभा के परिवार वालों का कहना है कि सुशील शांत ही रहता था। उसने कभी डिप्रेशन में होने की बात नहीं बताई। न ही यह कभी पता चला कि इसका इलाज चल रहा है या नहीं। अभी भी इसकी जानकारी नहीं हो सकी। परिजनों के मुताबिक अगर सुशील के व्यवहार में अचानक कोई परिवर्तन आता तो शायद उनको भी आशंका होती लेकिन कभी कुछ ऐसा नहीं हुआ।
इन सवालों का भी जवाब नहीं मिल पाएगा
- गला दबाकर बच्चों को मारा लेकिन पत्नी का सिर कूंचकर। पत्नी पर इतनी क्रूरता क्यों की?
- अगर वह डिप्रेशन में था तो कब से था। इलाज कहां से चल रहा था?
- हत्या किस वक्त और किस तरह से कीं? पुलिस के मुताबिक वारदात सुबह आठ से दोपहर एक बजे के बीच हुई?
- सुशील ने तीनों की हत्या करने के बाद खुद वहीं खुदकुशी क्यों नहीं की। गंगा में ही कूदकर क्यों आत्महत्या की?