बिकरू में एसआईटी की टीम
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अमर, विकास दुबे का दाहिना हाथ था। पुलिस के मुताबिक दो जुलाई की रात भी विकास के साथ अमर दुबे, प्रभात, अतुल, जिलेदार, राम सिंह यादव समेत कई गुर्गे पुलिस से सीधे मोर्चा लिए थे। अमर के छोटे भाई ने बताया कि विकास ने अमर को बुलाया था। कुछ देर बाद असलहा लेकर वह घर आया और छत पर चला गया। कुछ देर बाद ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई।