कन्नौज जिले में सदर तहसीलदार और उनका परिवार 24 घंटे से ज्यादा बीतने के बाद भी मंगलवार को हुई घटना को याद कर सिहर उठता है। खुद को अंदर से मजबूत कर तहसीलदार अरविंद कुमार पत्नी और बेटी को हिम्मत बंधाने का प्रयास तो कर रहे हैं, लेकिन मासूम बच्ची के सवालों के आगे उनके सारे तर्क कमजोर पड़ जाते हैं।
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सदर तहसीलदार अरविंद कुमार ने सांसद पर लगाए गंभीर आरोप
- फोटो : amar ujala
बेटी बार-बार पूछती है कि पापा! वह लोग अब तो नहीं आएंगे। बच्ची का यह सवाल न सिर्फ अरविंद को बल्कि उनकी पत्नी अल्का को अंदर तक कंपा देता है। तीनों की आंखों के सामने अभी भी मंगलवार दोपहर का मंजर घूम रहा है।
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भाजपा सांसद सुब्रत पाठक
- फोटो : amar ujala
अरविंद कुमार के घर का माहौल मंगलवार की घटना के बाद बिल्कुल बदल गया। मंगलवार की रात करवट बदलकर बीती। सुबह नींद जल्दी खुल गई। मन में आया कि बाहर निकला जाएं लेकिन हिम्मत नहीं जुटा सके। सदर तहसीलदार अरविंद कुमार दिनभर पत्नी और बच्ची के साथ आवास पर ही रहे।
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सदर तहसीलदार अरविंद कुमार
- फोटो : amar ujala
टीवी देखकर मन भटकाने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। रोज की तरह खाने पीने में भी रुचि नहीं दिखी। बच्ची मंगलवार की घटना को लेकर सहम जाती तो अरविंद अपने पास बैठाकर समझाने का प्रयास करते। बीच-बीच में अनुश्री ऐसे सवाल दाग देती, जिसका जवाब देना बेहद कठिन हो जाता।
सदर तहसीलदार अरविंद कुमार पर हमले के बाद चोट दिखाते हुए
- फोटो : amar ujala
फिलहाल पूरा परिवार मंगलवार को हुई घटना को भुलाने की कोशिश में जुटा है। उम्मीद है कि हर पल बदलते वक्त के साथ यह बुरा वक्त भी कट जाएगा। यही कारण रहा कि अरविंद कुमार अब कुछ वक्त अपने परिवार के साथ बिता रहे हैं।