कन्नौजः शिक्षिका कुमकुम यादव उर्फ चंचल के शरीर पर मिले चोट के निशान आरोपियों की हैवानियत खुद बयां कर रहे हैं। मारपीट से चेहरे पर नीले चकत्ते पड़ गए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली से मौत होना और शरीर चोट के निशान मिलने की बात सामने आई है।
राजनीति में रसूख रखने वाले जिला पंचायत सदस्य चौ. मनीष यादव डंपी के दबदबा का क्षेत्र में अच्छा बोलबाला है। शिक्षिका कुमकुम यादव उर्फ चंचल के भाइयों का आरोप है कि डंपी यादव शराब का आदी है और उसके अन्य महिलाओं से भी संबंध हैं। इसी के चलते वह शराब के नशे में आकर आए दिन उसकी बहन के साथ मारपीट करता था। मौके पर पड़े शिक्षिका के शव पर कई चोटों के निशान दिख रहे थे। उनसे ऐसा प्रतीत होता था कि उसके साथ घटना से पूर्व जमकर मारपीट की गई है।
मनीष यादव डंपी का राजनीति में भी बोलबाला है। सपा से जिला पंचायत सदस्य रह चुके डंपी यादव के बाद अब उनकी भाभी उपमा यादव जिला पंचायत सदस्य हैं और डंपी के साथ इस घटना में आरोपी भी हैं। इसके अलावा डंपी की मां कांती देवी यादव सौरिख नगर पंचायत की अध्यक्ष रह चुकी हैं।
शिक्षिका की हत्या के मामले में आरोपी सास नगर पंचायत सौरिख की पूर्व चेयरमैन कांतीदेवी यादव के साथ मृतका के मायके के लोगों ने हाथापाई कर दी। शुक्र था कि मौके पर पुलिस मौजूद थी, इसलिए उन्हें बचाकर पुलिस थाने ले आई। सौरिख जिला पंचायत सदस्य चौधरी मनीष यादव डंपी के पूरे घर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उनकी पत्नी की मौत के बाद परिवारीजन फरार हो गए। मायके के लोगों का आरोप है कि फरार होने से पूर्व उन लोगों ने सीसीटीवी कैमरे की हार्ड डिस्क (डीवीआर) निकालकर गायब कर दी है और उसके तार काट दिए, जिससे घटना के फुटेज न मिल सकें।
मामा के सुपुर्द किए गए बच्चे
चौधरी मनीष यादव डंपी के दो बच्चे हैं। बड़ा पुत्र पार्थ और छोटी पुत्री किटी को उनकी मां की मौत और पिता समेत अन्य परिजनों के फरार हो जाने के बाद उनके मामा अनिल कुमार के सुपुर्द कर दिया गया।
बच्चों को मिलेंगे तीन लाख
मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक केशव चंद्र गोस्वामी ने बताया कि मां की मौत के बाद दोनों बच्चे अनाथ हो गए हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें रानी लक्ष्मीबाई राहत कोष से तीन लाख रुपये की सहायता दिलाई जाएगी। उन्होंने बताया यह सहायता राशि उन दोनों बच्चों का संयुक्त खाता खुलवा कर उसमें जमा कराया जाएगा।
शिक्षिका का एक भाई दरोगा, दूसरा प्रधान
शिक्षिका कुमकुम यादव चंचल के पिता पुलिस से रिटायर हो चुके हैं। उनका बड़ा भाई अनिल कुमार यादव गाजियाबाद में उपनिरीक्षक के पद पर तैनात है। छोटा भाई कपिल देव यादव ग्राम प्रधान है।