तंत्र सिद्धि करने वालों के लिए आषाढ़ में पड़ने वाले गुप्त नवरात्र 13 जुलाई से शुरू हो रहे हैं। 21 जुलाई तक चलने वाले नवरात्र में दस महाविद्या का पूजन होगा। हालांकि यह नवरात्र आम जनमानस के लिए नहीं होते हैं। यह नवरात्र तंत्र सिद्धि करने वालों के लिए उपयुक्त होते हैं।
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डेमो पिक
पंडित डॉ. आदित्य पांडेय ने बताया कि हर साल दो सार्वजनिक और दो गुप्त नवरात्र होते हैं। सार्वजनिक नवरात्र में मां दुर्गा के नौ रूपों का पूजन किया जाता है। वहीं गुप्त नवरात्र में दस महाविद्या का पूजन होता है। तंत्र साधना में गुप्त नवरात्र का अधिक महत्व होता है। उन्होंने कहा कि दूसरे गुप्त नवरात्र माघ शुक्ल की परेवा यानी पांच फरवरी 2019 को पड़ेंगे।
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इन विद्याओं का होता है पूजन
मां काली, मां तारा, मां त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, मां भैरवी, मां छिन्नमस्ता
मां धूमावति, मां बगलामुखी, मां मातंगी और मां कमला का पूजन होता है।
घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
डॉ. पांडेय ने बताया कि आषाढ़ में पड़ने के कारण इनको आषाढ़ी नवरात्र भी कहते हैं। इसमें पूजन का विधान अलग होता है। मां की तांत्रिक शक्तियों को जागृत करने के लिए ये सबसे शुभ मुहूर्त होता है। इस पूजन में कलश स्थापना की जाती है। स्थापना का समय सुबह 7:10 बजे से 8.51 बजे तक का है।