सर्द रात में भीड़भाड़ से बरात जनवासे पहुंची। कुछ वाहन आगे और पीछे चल रहे थे। कार के चालक ने कहा कि आगे खड़े ट्रैक्टर को ओवरटेक कर गाड़ी उसके आगे खड़ी कर देते हैं। चालक ने तेजी से कार को बढ़ाया, ब्रेक की जगह एक्सीलेटर पर उसका पैर पड़ गया। इससे तेज रफ्तार कार आगे रखे ड्रम को टक्कर मारते हुए गहरे कुएं जा गिरी।
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छतरपुर में दर्दनाक हादसा
- फोटो : अमर उजाला
हादसे में घायल हुए चेतराम और लक्ष्मण ने बताया कि मंगलवार की रात करीब 10.45 बजे बरात शादी समारोह के पंडाल स्थल के करीब पहुंची। वह हादसे का शिकार हुई कार में बैठे थे। चेतराम ने बताया कि कार की आगे की सीट में चालक छत्रपाल व उसके बगल की सीट पर राजू कुशवाहा बैठे थे।
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बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
पीछे की सीट पर लक्ष्मण, कुलदीप व चेतराम बैठे थे। जबकि, बीच वाली सीट पर तेजराम, रामरतन और घनश्याम, रामाधीन बैठे थे। कार जैसे ही पंडाल के पास पहुंची। छत्रपाल ने आगे खड़ी करने के लिए कार बढ़ाई। इस दौरान गाड़ी की स्पीड तेज थी और सामने ड्रम रखे थे। उसने ब्रेक लगाना चाहा, लेकिन पैर एक्सीलेटर पर चला गया।
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बिलखते परिजन
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इससे अचानक कार बेकाबू हो गई और ड्रम में टक्कर मारते हुए आगे बने कुएं में जा गिरी। बकौल चेतराम, जैसे ही कार कुएं में गिरी तो दिल कांप गया। रोंगटे खड़े हो गए और कुछ समझ में नहीं आ रहा था। लगा कि अब जान नहीं बचेगी। कार के आगे का शीशा चालक छत्रपाल ने लात मारकर तोड़ दिया था। इससे कार में पानी भर गया।
किसी तरह उन लोगों ने फौरन पीछे व साइड का शीशा तोड़ा और खिड़की के रास्ते बाहर निकल आए। इसी दौरान बरात में मौजूद लोगों ने रस्सा डाला। उसने रस्सा पकड़कर बाहर आने का प्रयास किया। वह लगभग कुएं के बाहर आने को था, तभी उसके हाथ से रस्सा छूट गया और वह फिर कुएं में जा गिरा। उसे लगा कि वह उसकी जान नहीं बचेगी। गनीमत रही कि बरात में शामिल लोगों ने कुएं भीतर चारपाई डाली। इसी चारपाई के सहारे वह बाहर आ सका। चेतराम का कहना है कि ऐसे में उसने एक बार नहीं दो बार मौत को करीब से देखा। लक्ष्मण व तेजराम भी मौत को मात देकर कुएं से बाहर निकाले हैं।