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साथ रहती थीं दोनों, साथ ही छोड़ी दुनिया: बहनों के शव देख नहीं थम रहे आंसू, एक सप्ताह में हो चुकी हैं चार मौतें

Sun, 07 May 2023 09:00 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
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चित्रकूट हादसा - फोटो : अमर उजाला

चित्रकूट जिले के बंबुरा गांव में हुई हृदय विदारक घटना हुई है। जिसको लेकर मृतक बच्चियों के परिजन सहित ग्रामीणों में भारी गम है। इस घटना की याद आते ही आंखों में आंसू आ जाते हैं, जब पोस्टमार्टम के बाद शव घर में पहुंचे, तो महिलाएं दहाड़ मारकर रोने लगीं।

बंबुरा गांव में दीवार गिरने से सुग्गीलाल निषाद की दो पुत्रियों राजनंदनी व शिवानी की मौत हो गई। किसी को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि इतनी बड़ी घटना हो जाएगी। घटना को लेकर महिलाओं के आंखों में आंसू छलक जाते हैं, जब दोनों बच्चियों के शव घर पहुंचे तो महिलाएं शव को पकड़कर रोने लगीं।

इस दृश्य को देख रहे ग्रामीणों के आंख में आंसू आ गए। परिजनों के अनुसार दोनों के बीच गहरा लगाव था। राजनंदनी स्कूल भी कभी-कभार शिवानी को साथ ले जाती थी। दोनों बैंड बाजा देखने भी साथ गईं और साथ ही दुनिया से चली गईं। इस हादसे से गांव में मातम पसरा रहा।

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चित्रकूट हादसा - फोटो : अमर उजाला

मृतक थीं सात बहनें
दीवार गिरने से जिन दो बच्चियों की मौत हो गई। वह सात बहनें व एक भाई है। इसमें रोशनी, केता, सवारियां ममता, तारावती, राजनंदनी व शिवानी है। एक भाई राजेश भी है, जिसमें राजनंदनी व शिवानी की मौत हो गई। गांव वालों का कहना है कि जिनकी मौत हुई...वो साथ ही रहती थीं।

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चित्रकूट हादसा - फोटो : अमर उजाला

एक साथ ही दुनिया से चली गईं
दोनों छोटी होने के कारण जहां कहीं भी खेलती थीं और एक साथ ही रहती थीं। घटना के ही दिन जब पड़ोस में बैंड बाजा बज रहा था, तो दोनों बहनें देखने के लिए चली गई थीं। जो एक कच्ची दीवार के पास खड़ी हो गई। दीवार गिरने से दोनों की मौत हो गई।

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चित्रकूट हादसा - फोटो : अमर उजाला

एक सप्ताह में हो चुकी है चार मौतें 
जिले में एक सप्ताह से मौसम खराब है, जिसमें दो दिन पहले मऊ क्षेत्र सहित अन्य स्थानों में बारिश हुई है। इससे कच्चे घरों की दीवारे गिरने की घटनाएं होने लगी हैं। एक सप्ताह के अंदर यह चौथी मौत है। इसमें भीठाखेरा गांव के संदीप( 5) पुत्र रमेश की मौत रविवार को हो गई थी।

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चित्रकूट हादसा - फोटो : अमर उजाला

पहले भी हो चुकी हैं कई घटनाएं
इसमें घटना के दिन उसकी मां घर के अंदर भरा पानी बाहर निकाल रही थी। इसी दौरान दीवार गिरने से उसकी मौत हो गई थी। इसी तरह से शक्रवार को राजापुर थाना अंतर्गत रंपुरिया पतेरे गांव में चंद्रकलिया (45) पत्नी संतोष की मौत हो गई थी। इसके दूसरे ही दिन मऊ थाना क्षेत्र के बंबुरा गांव में दो बच्चियों राजनंदनी व शिवानी की मौत हो गई। इसके पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं।

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चित्रकूट हादसा - फोटो : अमर उजाला

कच्ची दीवार ढहने से हुई मौत
बताया जा रहा है घर के पड़ोस में बैंडबाजा देखने गईं तीन बच्चियों पर कच्ची दीवार ढह गई। मलबे में दबीं बालिकाओं को निकालकर सीएचसी ले जाया गया। इसमें से दो बहनों की मौत हो गई। तीसरी बच्ची की हालत में सुधार है। शुक्रवार की रात मऊ थाना क्षेत्र के बंबुरा गांव निवासी बुद्धराज के घर में शादी समारोह का कार्यक्रम था।

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चित्रकूट हादसा - फोटो : अमर उजाला
तीनों आठ फीट ऊंची दीवार पर खड़ी थीं
शादी से एक दिन पहले गांव में बैंडबाजा लेकर बुद्धराज के परिजन निकल रहे थे। इसे देखने के लिए सुग्गीलाल निषाद की बेटियां राजनंदनी (6), शिवानी (4) और पड़ोस के शारदा प्रसाद पाल की बेटी नीतू (5) चली आईं। तीनों सड़क किनारे घनश्याम उर्फ मन्ना के कच्चे घर की आठ फीट ऊंची दीवार के पास खड़ी थीं।
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चित्रकूट हादसा - फोटो : अमर उजाला
भराभराकर गिर कई कच्ची दीवार
अचानक कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई। इससे तीनों मलबे में दब गईं। लोगों ने आनन-फानन में तीनों को बाहर निकाला और सीएचसी मऊ में भर्ती कराया। डॉक्टर ने शिवानी को मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक उपचार के बाद राजनंदनी को प्रयागराज रेफर कर दिया। वहां ले जाते समय उसकी मौत हो गई। नीतू की हालत में सुधार होने पर घर भेज दिया गया है।
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