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बिकरू कांड में चौंकाने वाला खुलासा, घटना की रात एसओ विनय तिवारी नहीं इस शख्स ने की थी मुखबिरी

Mon, 05 Oct 2020 08:04 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
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विकास दुबे कांड - फोटो : amar ujala
बिकरू कांड की दाखिल चार्जशीट में कई बड़े खुलासे हुए हैं। आठ पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारने के कुछ घंटे बाद विकास दुबे के खास राम सिंह ने दरोगा केके शर्मा को फोन किया था। उसने पुलिस की कार्रवाई का पूरा अपडेट और हालात के बारे में जानकारी ली थी।

 

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विकास दुबे कांड - फोटो : अमर उजाला
तब उसको पता चला था कि गोली कांड में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी मारे गए थे। दरोगा से बात करने के बाद उसका मोबाइल बंद हो गया था। पुलिस की विवेचना के मुताबिक सीडीआर से पता चला कि दो जुलाई शाम को चार बजे सबसे पहले आरोपी दरोगा केके शर्मा की विकास दुबे से बातचीत हुई थी।

 

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विकास दुबे कांड - फोटो : amar ujala
इसके कुछ ही देर बाद केके शर्मा ने राम सिंह को फोन किया। फिर रात करीब 11 बजे केके शर्मा ने राम सिंह को कॉल की। इस बीच एक कॉल थाने के मुंशी ने आरोपी हीरू दुबे की। फिर विकास पर एफआईआर दर्ज होने के बाद रात 12:11 मिनट पर विकास की सिपाही राजीव से बातचीत हुई। इसकी कॉल रिकॉर्डिंग भी वायरल हुई थी।

 

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विकास दुबे कांड - फोटो : amar ujala
पुलिस सूत्रों के मुताबिक वारदात के बाद रात ढाई व साढ़े तीन बजे राम सिंह ने फिर केके शर्मा को कॉल की और शर्मा ने पुलिस की कार्रवाई की उसको पूरी जानकारी दी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि विकास दुबे ही नहीं उसका पूरा गिरोह पुलिस के संपर्क में था। दरोगा, सिपाही और थानेदार सभी उसके कारखास रहे हैं। 

 

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विकास दुबे: एनकाउंटर में मारे गए प्रेमप्रकाश की पत्नी सुुषमा का वीडियो वायरल - फोटो : amar ujala
मोर्चा लेने के बजाए भागे थे एसओ
दबिश के दौरान चौबेपुर का तत्कालीन थानेदार विनय तिवारी सबसे पीछे था। जब गोलियां चलने लगीं तो उसने अपने पुलिसकर्मियों का साथ नहीं दिया बल्कि वहां से भाग गया था। सूत्रों के मुताबिक विवेचना में पुलिस ने दावा किया है कि ये पूरी साजिश के तहत विनय ने किया। उसको पता था कि गोलियां चलेंगी, गैंग हमला करेगा, इसलिए पहले ही भाग निकला। 

 
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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
सिपाही ने दी थी एसओ को जानकारी 
पुलिस की जांच के मुताबिक जब विकास ने सिपाही राजीव को फोन कर धमकी दी थी कि आज वो सबका खून कर देगा तब उसने ये बात एसओ विनय तिवारी को बताई थी लेकिन विनय तिवारी ने उसको नजरअंदाज कर दिया था क्योंकि वो भी विकास दुबे की साजिश में शामिल था। तभी उसने किसी भी अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं दी। 

एनकाउंटर में मारे गए थे छह बदमाश
- दहशतगर्द विकास दुबे
- प्रेम कुमार पांडेय
- अतुल दुबे
- अमर दुबे
- कार्तिकेय मिश्रा उर्फ प्रभात
- प्रवीण दुबे
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