बिकरू कांड में शहीद डीएसपी देवेंद्र मिश्र बिल्हौर सर्किल में ही रहना चाहते थे। वर्तमान एसएसपी के ट्रांसफर होने और नए एसएसपी के आने को लेकर वो परेशान थे। वह जयकांत बाजपेई के जरिये लखनऊ के एक बड़े प्रशासनिक अफसर से इसको लेकर पैरवी कराने की जद्दोजहद में थे।
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विकास दुबे का करीबी
- फोटो : अमर उजाला
इसमें कानपुर का शख्स बिचौलिये का काम कर रहा था। इसका खुलासा गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल दो कॉल रिकॉर्डिंग से हुआ है। पहली रिकॉर्डिंग में डीएसपी देवेंद्र कुमार मिश्र कानपुर के पीयूष द्विवेदी से बात कर रहे हैं जिसमें वो कहते हैं नए एसएसपी आने वाले हैं।
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जय बाजपेई और गैंगस्टर विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
किसी से पैरवी करवा दो, जिससे उनकी पोस्टिंग बिल्हौर में ही रहे। इस पर पीयूष जयकांत बाजपेई को कांफ्रेंसिंग पर लेकर डीएसपी से बात करवाता है। जय भरोसा देता है कि कानपुर की एक बड़ी हस्ती के जरिये लखनऊ के एक बड़े प्रशासनिक अफसर से नए एसएसपी को डीएसपी की पैरवी में फोन करवा देगा।
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Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
एक अन्य कॉल रिकॉर्डिंग में डीएसपी की महकमे के एक पूर्व डीजीपी से बातचीत है। उसमें भी वो उनसे कहते हैं नए एसएसपी को फोन कर पैरवी कर देंगे। इस दौरान डीएसपी ने पुराने एसएसपी पर भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया।
बता दें कि बिकरू कांड में पुलिस ने तीन महीने बाद माती कोर्ट में 36 आरोपियों के खिलाफ करीब 1700 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है। दो आरोपी अभी फरार हैं। विकास दुबे समेत छह बदमाश मारे जा चुके हैं। चार्जशीट के मुताबिक घटना को साजिश के तहत अंजाम दिया गया। दहशतगर्द विकास को पुलिसकर्मियों ने तहरीर पहुंचने से लेकर दबिश रवाना होने तक की जानकारी दी है। इसमें चौबेपुर के पूर्व एसओ विनय तिवारी और दरोगा केके शर्मा की मुख्य भूमिका रही। पुलिस ने विवेचना में इन्हीं तथ्यों को शामिल किया है।
(नोट: सोशल मीडिया पर वायरल कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर खबर है। अमर उजाला इस रिकॉर्डिंग की पुष्टि नहीं करता है)