कानपुर एनकाउंटर को छह दिन बीत चुके हैं और हर रोज चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। विकास दुबे का करीबी जय कानपुर में एक आलाधिकारी का फार्म हाउस बनवा रहा था। यही नहीं जय ने अधिकारियों के लिए एक बंगले में अय्याशी का भी पूरा इंतजाम कर रखा था।
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Kanpur Encounter Case
- फोटो : amar ujala
विकास दुबे का खजांची जय बाजपेई पूर्व में शहर में तैनात एक आलाधिकारी का बहुत करीबी था। उनकी अधिकतर जरूरतें वही पूरी करता था। हाल ही में उस अधिकारी का बिठूर में फार्म हाउस भी बनवाना शुरू कर दिया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार आलाधिकारी की तैनाती के बाद जय एक करीबी विधायक के जरिए उनके संपर्क में आया।
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इसके बाद धीरे-धीरे अधिकारी से नजदीकियां बढ़ा लीं। इसके बाद पुलिस महकमें में भी अपनी पैठ बना ली। ट्रांसफर से लेकर पोस्टिंग तक का ठेका लेना शुरु कर दिया था। विवादित जमीन और मकान पर कब्जा शुरू कर दिया था। अधिकारी से काम नहीं बना तो वह विधायक और विकास दुबे और उनके गुर्गों के जरिए काम निकाल लेता था।
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अधिकारी को खुश करने के लिए पहले उसने बिठूर में फार्म हाउस के लिए जमीन की खरीदारी कराई, फिर उस पर निर्माण शुरू कर दिया था। सूत्रों के अनुसार अधिकारी को भी जय बाजपेई और विकास के संबंधों का पता था, लेकिन वह चुप्पी साधे बैठे थे। मुठभेड़ में आठ पुलिसकर्मियों की मौत के बाद एसटीएफ ने जब जय को पूछताछ के लिए उठाया तो अधिकारी ने खुद को फंसता देख अपने हाथ खींच लिए।
बंगले में अय्याशी का पूरा इंतजाम
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जय ने करोड़ों रुपये की लागत से पनकी ई-ब्लाक में एक आलीशान बंगला बनाया है जिसे वह अपने व अपने करीबियों को अय्याशी के लिए इस्तेमाल करता था। आस पास रहने वाले लोगों के अनुसार इस बंगले में आए दिन पार्टियां होती रहती थीं। देर रात तक नशेबाजी के बाद लोग सड़कों पर हुड़दंग मचाते थे। ऊंची जान पहचान के चलते कोई आवाज उठाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। इलाकाई लोगों का कहना है कि इसी बंगले से जय के गुर्गे मादक पदार्थों की सप्लाई भी करते थे।