फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानपुर एनकाउंटर: चौंकाने वाला खुलासा, विकास दुबे का करीबी जय अधिकारियों को कराता था अय्याशी

Thu, 09 Jul 2020 02:56 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 5
Kanpur Encounter Case - फोटो : amar ujala
कानपुर एनकाउंटर को छह दिन बीत चुके हैं और हर रोज चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। विकास दुबे का करीबी जय कानपुर में एक आलाधिकारी का फार्म हाउस बनवा रहा था। यही नहीं जय ने अधिकारियों के लिए एक बंगले में अय्याशी का भी पूरा इंतजाम कर रखा था। 


 
विज्ञापन

2 of 5
Kanpur Encounter Case - फोटो : amar ujala
विकास दुबे का खजांची जय बाजपेई पूर्व में शहर में तैनात एक आलाधिकारी का बहुत करीबी था। उनकी अधिकतर जरूरतें वही पूरी करता था। हाल ही में उस अधिकारी का बिठूर में फार्म हाउस भी बनवाना शुरू कर दिया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार आलाधिकारी की तैनाती के बाद जय एक करीबी विधायक के जरिए उनके संपर्क में आया।

 
विज्ञापन

3 of 5
Kanpur Encounter Case - फोटो : amar ujala
इसके बाद धीरे-धीरे अधिकारी से नजदीकियां बढ़ा लीं। इसके बाद पुलिस महकमें में भी अपनी पैठ बना ली। ट्रांसफर से लेकर पोस्टिंग तक का ठेका लेना शुरु कर दिया था। विवादित जमीन और मकान पर कब्जा शुरू कर दिया था। अधिकारी से काम नहीं बना तो वह विधायक और विकास दुबे और उनके गुर्गों के जरिए काम निकाल लेता था।

 

4 of 5
Kanpur Encounter Case - फोटो : amar ujala
अधिकारी को खुश करने के लिए पहले उसने बिठूर में फार्म हाउस के लिए जमीन की खरीदारी कराई, फिर उस पर निर्माण शुरू कर दिया था। सूत्रों के अनुसार अधिकारी को भी जय बाजपेई और विकास के संबंधों का पता था, लेकिन वह चुप्पी साधे बैठे थे। मुठभेड़ में आठ पुलिसकर्मियों की मौत के बाद एसटीएफ ने जब जय को पूछताछ के लिए उठाया तो अधिकारी ने खुद को फंसता देख अपने हाथ खींच लिए।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
Kanpur Encounter Case - फोटो : amar ujala
बंगले में अय्याशी का पूरा इंतजाम
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जय ने करोड़ों रुपये की लागत से पनकी ई-ब्लाक में एक आलीशान बंगला बनाया है जिसे वह अपने व अपने करीबियों को अय्याशी के लिए इस्तेमाल करता था। आस पास रहने वाले लोगों के अनुसार इस बंगले में आए दिन पार्टियां होती रहती थीं। देर रात तक नशेबाजी के बाद लोग सड़कों पर हुड़दंग मचाते थे। ऊंची जान पहचान के चलते कोई आवाज उठाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। इलाकाई लोगों का कहना है कि इसी बंगले से जय के गुर्गे मादक पदार्थों की सप्लाई भी करते थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें