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व्हाट्सएप से चल रहा सेक्स रैकेट, पुलिस को आपत्तिजनक हालत में मिले लड़के-लड़कियां

Mon, 06 Jan 2020 09:03 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ - फोटो : अमर उजाला
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र के श्याम नगर रामपुरम में पुलिस ने रविवार शाम किराए के मकान में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ कर संचालक समेत 9 लोगों को गिरफ्तार किया। संचालक दंपति और उनका एक रिश्तेदार है। पिछले एक साल से आरोपी रैकेट चला रहे थे। यहां पर आसपास जिलों की युवतियां व युवक आते थे। आपत्तिजनक वस्तुएं भी बरामद हुईं।

 
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मौके से पकड़ी गई लड़कियां - फोटो : अमर उजाला
पूरी सौदेबाजी व्हाट्सएप के जरिये होती थी। गिरोह महिलाओं को आगे कर रैकेट का संचालन कर रहा था। चकेरी इंस्पेक्टर रणजीत राय ने बताया कि रामपुरम में अजय सिंह के घर पर अचलगंज उन्नाव निवासी राघवेंद्र शुक्ला अपनी पत्नी के साथ किराये पर रहता था। वह नौबस्ता केपशुपति नगर निवासी अपने साढ़ू आशुतोष ओझा व उसकी पत्नी के साथ मिलकर सेक्स रैकेट चला रहा था।

 
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थाने में बैठी युवतियां - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने इन चारों के अलावा कैंट लालकुर्ती निवासी सत्यम द्विवेदी और चार अन्य युवतियों को गिरफ्तार किया। इंस्पेक्टर ने बताया कि राघवेंद्र व आशुतोष के मोबाइल से पता चला है कि वह 50 से अधिक व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं जिस पर वह ग्राहकों को युवतियों की फोटो भेजते थे। फिर रेट तय होता था। उसकेबाद ग्राहक उसके घर पर आते थे।

 

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थाने में बैठे पकड़े गए सभी लड़के लड़कियां - फोटो : अमर उजाला
1500 रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक में लड़कियां उपलब्ध कराई जाती थीं। सुरक्षित जगह मुहैया करवाने के नाम पर अलग रकम वसूलते थे। आरोपियों में शामिल फतेहपुर के बकेवर निवासी बलवीर की पत्नी भी ग्राहक लाने का काम करती थी। रैकेट का नेटवर्क प्रदेश के कई अन्य शहरों और दिल्ली में भी फैला हुआ है। कई बड़े सेक्स रैकेट संचालक इनके संपर्क में हैं। 

 
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व्हाटसएप से होता था धंधा - फोटो : अमर उजाला
10 हजार में लिया था मकान
इंस्पेक्टर ने बताया कि मकान मालिक अजय सिंह के बारे में खास जानकारी नहीं मिल सकी है। आसपास के लोगों ने बताया है कि उसका कानपुर में ही दूसरा मकान है जहां वह रहता है। पुलिस उस तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस ने जब छापा मारा तो राघवेंद्र ने अपना मोबाइल तोड़ दिया। पुलिस ने मोबाइल ले तो लिया है लेकिन कुछ भी हासिल नहीं हुआ। हालांकि अन्य सभी के मोबाइल मिल गए हैं। उसमें अहम जानकारियां हैं।
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