स्नान, दान एवं श्राद्ध की अमावस्या 17 मार्च को है। शनिवार की अमावस्या के योग में शनि ग्रह की शांति के लिए शनि के पूजन का विधान है। शनि के प्रभाव से होने वाले कष्टों से इस तरह बच सकते हैं...
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डेमाे पिक
आचार्य पवन तिवारी और आचार्य दीपक पांडेय ने बताया कि इस वर्ष शनि धनु राशि में रहा है। वृश्चिक राशि वालों को उतरती और धनु राशि को मध्यम तथा मकर राशि वालों के लिए शनि की चढ़ती साढ़े साती रही है।
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वृष एवं कन्या राशि वालों के लिए शनि की अढ़ैया रही है। 17 मार्च को संवत्सर 2074 समाप्त हो जाएगा। अत: जिन राशियों में शनि कष्टदायी है वह जातक शनि अमावस्या को गंगा स्नान, काले तिल, काले उड़द, गुड़ एवं शनि जन्य वस्तुओं का दानकर इन कष्टों से बच सकते हैं। दान अपने सामर्थ्य अनुसार कर सकते हैं। इन राशियों पर ये प्रभाव...
राशियों पर प्रभाव
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मेष- रोग
वृष- भय
मिथुन- हानि
कर्क- लाभ
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सिंह- रोग
कन्या- शत्रुभय
तुला- लक्ष्मी प्राप्ति
वृश्चिक- नेत्र कष्ट