देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में गिने जाने वाले एक विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसा विवादित आदेश जारी किया है जिससे प्रश्न पत्र आउट होने के साथ उत्तर पुस्तिका में हेरफेर का भी मौका शिक्षा माफियाओं को मिल सकता है। मामला छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर का है। हद तो तब हो गई जब परीक्षा नियंत्रक ने सफाई में कुछ ऐसा कहा...
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डेमाे पिक
कानपुरः छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) से संबद्ध महाविद्यालयों की परीक्षाओं को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने मंगलवार को एक विवादित आदेश जारी कर दिया। इसके अनुसार आठ परीक्षा केंद्रों को नोडल केंद्र से प्रश्न पत्र ले जाने और उसे जमा करने के लिए भरपूर समय दे दिया गया है। मतलब ये परीक्षा केंद्र सुबह सात बजे होने वाले प्रश्न पत्र के साथ दोपहर और शाम की पाली का प्रश्न पत्र भी एकसाथ ले जा सकेंगे।
इसके अलावा उत्तर पुस्तिका जमा करने के लिए भी इन्हें शाम तक का समय दे दिया जाएगा। अभी तक सभी परीक्षा केंद्रों को परीक्षा शुरु होने के दो घंटे पहले प्रश्न पत्र नोडल केंद्र से दिए जाते थे और परीक्षा के दो घंटे बाद उत्तर पुस्तिका जमा करनी होती थी। अब चूंकि परीक्षा केंद्रों के पास भरपूर समय रहेगा तो ऐसे में प्रश्न पत्र आउट होने के साथ उत्तर पुस्तिका में हेरफेर का भी मौका शिक्षा माफियाओं को मिल सकेगा।
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परीक्षा नियंत्रक बोले, समस्या थी इसलिए लिया फैसला
परीक्षा नियंत्रक उमानाथ चौहान ने कहा कि जिन आठ केंद्रों को छूट दी गई है उनकी दूरी नोडल केंद्र से करीब 40 से 50 किलोमीटर है। इसके चलते उन्हें काफी समस्याएं हो रहीं थी। परीक्षा समय पर कराने के लिए यह फैसला लिया गया है।
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इन आठ केंद्रों को मिली छूट
- श्री राधे कृष्ण एमडी महाविद्यालय, सरसौल
- श्री राम प्रकाश पोरवाल महाविद्यालय, राजपुर कानपुर देहात
- खालसा गर्ल्स डिग्री कॉलेज, कानपुर
- मां शारदा महिला महाविद्यालय, उन्नाव
- श्री शक्ति महाविद्यालय, घाटमपुर
- पं. ओम प्रकाश शर्मा महाविद्यालय, रूरा
- पीएल यादव महाविद्यालय, मैथा कानपुर देहात
- अली शेर मेमोरियल महाविद्यालय, हरदोई
17 हजार ने छोड़ी परीक्षा
मंगलवार को बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा में कुल 76137 पंजीकृत छात्रों में से 8799 ने परीक्षा छोड़ दी। इसमें एक नकलची पकड़ा गया। द्वितीय वर्ष में 75582 पंजीकृत छात्रों में से 4850 ने परीक्षा छोड़ी और इसमें भी एक नकलची पकड़ा गया। इसी तरह बीए तृतीय वर्ष में पंजीकृत 104480 छात्रों में से 3804 ने परीक्षा छोड़ी और आठ नकलची पकड़े गए। कुलसचिव प्रो. संजय स्वर्णकार ने बताया कि इस तरह से तीनों वर्ष की परीक्षाओं में कुल 17452 ने परीक्षा छोड़ी है।