कानपुर के चर्चित संजीत अपहरणकांड में पुलिस ने शुक्रवार को पांडु नदी की तलहटी में शव को तलाशने के लिए पोकलैंड की मदद ली। शुक्रवार को एसपी साउथ दीपक भूकर ने घटना स्थल का निरीक्षण कर मशीन की मदद से शव की तलाश फिर से शुरू कर दी है।
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संजीत अपहरण एवं हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, संजीत का बैग व फिरौती में इस्तेमाल बैग की तलाश जारी है। एसपी साउथ ने बताया कि अपर्ह्ताओं ने संजीत का शव दो बोरियों में डाल कर पांडु नदी में फेंकने की बात कही थी। 10 दिनों तक पीएसी के गोताखोरों ने करीब 52 किमी तक नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया लेकिन, शव का कुछ पता नहीं चल सका। उन्होंने बताया कि ऊंचाई से फेंकने के कारण हो सकता है कि बोरियां तलहटी में धंस गई हों। जेसीबी से नदी में तलाश कर पाना मुश्किल बताया, ऐसे में पोकलैंड की मदद लेने की बात कही है।
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संजीत अपहरण एवं हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
सीडीआर और लोकेशन के आधार पर तय होगा राहुल का अपराध
संजीत अपहरण कांड में सबसे पहले नामजद हुए विश्वबैंक निवासी राहुल यादव से गुरुवार को एसपी साउथ दीपक भूकर ने पहली बार मुलाकात की। उन्होंने राहुल से अपने कार्यालय में घंटों पूछताछ की। उन्होंने बताया कि परिजनों ने राहुल पर भी अपर्ह्ताओं से मिले होने का शक जाहिर किया था। राहुल की सीडीआर डिटेल और 22 जून को राहुल की लोकेशन के आधार पर उसका अपराध तय होने की बात कही। सीडीआर की मदद से यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि क्या राहुल ने कभी किसी भी अपर्ह्ता से फोन पर कोई बातचीत की थी। पूछताछ के बाद राहुल को घर भेज दिया गया।
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- फोटो : amar ujala
क्या है पूरा मामला
कानपुर के बर्रा से 22 जून को लैब टेक्नीशियन संजीत यादव (28) का अपहरण फिरौती के लिए उसके दोस्त ने साथियों के साथ मिलकर किया था। 26 जून को उसकी हत्या कर लाश पांडु नदी में फेंक दी थी। इसके बाद पुलिस को चकमा देकर 13 जुलाई को 30 लाख की फिरौती भी वसूल ली थी। 23 जुलाई की रात पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोस्त कुलदीप, रामबाबू समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया था कि कुलदीप संजीत के साथ सैंपल कलेक्शन का काम करता था।
उसने रतनलाल नगर में किराये पर कमरा ले रखा था। 22 जून की रात शराब पिलाने के बहाने वह संजीत को अपने कमरे में लाया था। इसके बाद उसे बंधक बना लिया था। चार दिन तक बेहोशी के इंजेक्शन देकर उसे बंधक बनाकर रखा था। 26 जून को कुलदीप ने अपने दोस्त रामबाबू और तीन अन्य के साथ मिलकर संजीत की हत्या कर दी थी। इसके बाद कुलदीप शव को अपनी कार में रखकर पांडु नदी में फेंक आया था।