लाेकसभा चुनाव 2019 से पहले प्रत्याशियों की दल बदल नीति ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा रखी है। उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा के गठबंधन ने भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कुछ दिन पहले पूर्व भाजपा सांसद श्यामाचरण गुप्त ने भाजपा काे छोड़ समाजवादी पार्टी का दामन थामा था अब एक पूर्व सपा सांसद ने सपा को छोड़ बीजेपी का दामन थामा है।
1993 से राजनैतिक जीवन की शुरुआत करने वाले पूर्व सांसद राजनारायन बुधौलिया उर्फ रज्जू महाराज ने शुक्रवार शाम लखनऊ में भाजपा का दामन थाम लिया। उनके छोटे भाई नगर पालिका अध्यक्ष श्रीनिवास बुधौलिया ने भी भाजपा की सदस्यता ले ली। भाजपा में शामिल होते ही लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई।
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रज्जू महाराज के साथ महेंद्रनाथ पांडेय
बता दें कि रज्जू महाराज ने 1993 में भाजपा का दामन थाम अपने राजनैतिक जीवन की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने निर्दलीय रूप से विधानसभा का चुनाव लड़ा था। 1995 में सपा की सदस्यता लेने के बाद कई बार इस दल से लोकसभा का चुनाव लड़ा।
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मायावती, पीएम मोदी, अखिलेश यादव (प्रतीकात्मक तस्वीर)
इसके बाद 2004 में हुए लोकसभा के चुनाव में भारी जीत दर्ज कराते हुए वह पहली बार सपा से सांसद हुए। रज्जू महाराज ने 2012 में एक बार फिर अपना पाला बदला और बसपा की सदस्यता ले ली। 2012 से 2017 तक वह महोबा से विधायक रहे। 2017 में फिर वह फिर सपा में शामिल हो गए।
रज्जू महाराज के साथ महेंद्रनाथ पांडेय
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को लखनऊ में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय के सानिध्य में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। चर्चा है कि भाजपा में जाने के बाद रज्जू महाराज हमीरपुर महोबा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। रज्जू महाराज ने अमर उजाला से बताया कि यदि पार्टी ने उन्हें मौका दिया तो वह जरूर चुनाव लड़ेंगे।