पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि पुलिस ने निर्दोषों पर मुकदमे दर्ज किए हैं। अन्यायपूर्ण कार्रवाई से इन्हें हर हाल में बचाएंगे। न्याय की खातिर सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगो। कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर विरोध की आवाज को सरकार दबाना चाहती है। नसीहत दी कि कुछ लोगों से सतर्क रहने की जरूरत है। अशांति फैलाने वालों पर ही कार्रवाई होनी चाहिए। कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री खुद भ्रम फैलाने के पहलवान हैं।
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सीएए के विरोध में फर्रूखाबाद में पुलिस से भिड़े थे उपद्रवी
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पूर्व विदेश मंत्री ने जिले के कई कस्बों में कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। वह भीकमपुरा के हाजी यूनुस, झंडा तल्ला में मतीन खां, फसीह मुजीबी, खैराती खां में गुड्डू खान, मनिहारी में इमरान, फतेहगढ़ में आदिल कामरान एडवोकेट, खटकपुरा में अहमद अंसारी के यहां गए। इन स्थानों पर पिछले दिनों शहर में बवाल में फंसे लोगों के परिजनों ने अपनी पीड़ा बताई। पूर्व मंत्री ने आश्वासन दिया कि उनकी प्राथमिकता निर्दोषों का नाम निकलवाना, अंदर हैं उन्हें बाहर निकलवाना और मुकदमों को खत्म कराना है। कहा कि सरकार ने अन्याय किया है।
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सीएए के विरोध में उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव कर बाइकें तोड़ी थीं
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शांति पूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर मुकदमे लादे। उन्होंने परिजनों को हर तरह की मदद करने का भरोसा दिलाया। पत्रकारों से बातचीत में कौम को सलाह दी कि बात समझें। हिंसा उपचार नहीं है। शांति में हर किसी को सहयोग की जरूरत है। शांति से प्रदर्शन करने वालों पर अत्याचार पर दुख है। हम इनकी सुप्रीम कोर्ट तक मदद करेंगे। उन्होंने पार्टियों का नाम लिए बिना कौम को उनसे सतर्क रहने की सलाह भी दी। यह मानवता का देश है। प्रशासन निर्दोषों को कतई न फंसाए।
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पुलिस ने आंसू गैस के गोले छाेड़ उपद्रवियों को शांत करने की कोशिश की थी
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उनके साथ जिलाध्यक्ष विजय कटियार, पूर्व जिलाध्यक्ष मृत्युंजय शर्मा आदि नेता थे। कायमगंज प्रतिनिधि के अनुसार पितौरा स्थित डॉ. जाकिर हुसैन महल में पूर्व विदेश मंत्री ने सीएए पर विरोध पर कहा कि भारत की सभ्यता रही है कि यहां सब एक दूसरे के दुख-दर्द, तकलीफ में काम आते हैं।
उपद्रवियों से बचने के लिए पुलिस को चलानी पड़ी थीं लाठियां
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भाजपा कहती है पीड़ितों को लाएंगे, तो श्रीलंका में तमिल, चीन में मुस्लिम, वर्मा में सिख भी हैं। उन्हें भी लाओ। असम में हिंदू ज्यादा हैं, सो एनआरसी कराया। सरकार का लक्ष्य कुछ और ही है। कश्मीर में हमें जाने से आतंकी नहीं रोक पाए, सरकार रोक रही है। इस दौरान उजहैर खां, सैफी खां, आफताब खान, साबेज उर्फ मंत्री, शकुंतला देवी, जुनैद खां आदि मौजूद रहे।