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Sabarmati Exp. Derail: हादसे की तह तक जाने के लिए विशेषज्ञों ने किया ये काम, इन आशंकाओं पर डीसीपी ने उठाए सवाल

Mon, 19 Aug 2024 10:00 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
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Sabarmati Express Derail - फोटो : अमर उजाला
साबरमती एक्सप्रेस डिरेल होने के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। रविवार सुबह डीसीपी पश्चिम के नेतृत्व में मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल से 200 मीटर के दायरे में आठ सीसीटीवी फुटेज चेक किए। डीसीपी पश्चिम राजेश कुमार सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान उन्होंने घटनास्थल पर मौजूद रेलवे कर्मचारी, ट्रैक मैन और आरपीएफ के जवानों से क्लैंप (गार्डर) और रेलवे पटरी के बारे में जानकारी हासिल की। 
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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला
पूछताछ में पता चला कि घटनास्थल से कुछ दूरी पर जो क्लैंप मिला था उसे ऊपर से नहीं बांधा जा सकता है। ऊपर से बांधने पर फिसल जाएगा। उसे नीचे की ओर गिट्टी हटाकर ही बांधा जा सकता है। क्लैंप को अगर गिट्टी हटाकर बांध भी दिया जाए, तो ट्रेन गुजरते ही नट-बोल्ट टूट जाएंगे। 



 
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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला
इससे साफ है फोरेंसिक द्वारा ट्रेन को डिरेल होने का जो कारण बताया गया वह निराधार है। लिहाजा अब रेलवे के टेक्निकल रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। डीसीपी का कहना है कि जांच और पूछताछ के दौरान कुछ नई जानकारियां भी मिली हैं।

 

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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला
बता दें मामले में पनकी पुलिस ने रेलपथ जूही के सीनियर सेक्शन इंजीनियर महेंद्र प्रताप सिंह की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला
डीसीपी ने बताया कि रविवार को एडिशनल डीसीपी बृजेंद्र द्विवेदी, एसीपी पनकी श्वेता कुमारी, एसीपी कल्याणपुर अभिषेक पांडेय, थानाप्रभारी पनकी व सचेंडी के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। हालांकि कोई भी संदिग्ध पटरी की ओर जाते हुए नहीं दिखाई दिया।
 
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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला
रेलवे ट्रैक पर भारी वस्तु दिखने पर लोको पायलट ने लगाई थी इमरजेंसी ब्रेक
सीनियर सेक्शन इंजीनियर महेंद्र प्रताप सिंह ने तहरीर में बताया गया कि वाराणसी से अहमदाबाद की तरफ जा रही साबरमती एक्सप्रेस शुक्रवार रात करीब 2:27 बजे गोविन्दपुरी-भीमसेन के बीच पहुंची थी। तभी लोको पायलट एपी बुंदेला को अप लाइन में कुछ भारी वस्तु दिखाई दिया। 

 
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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला
इसे देखते ही लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगा दी, लेकिन वह भारी वस्तु लोको के कैटल गार्ड से टकरा गई। इस कारण कैटल गार्ड मुड़ गया और लोको के आगे के व्हील और बोगी का बेपटरी हो गईं। हादसे के बाद गार्ड सुबोध तिवारी और लोको पायलट ने सूचना झांसी कंट्रोल रूम में दी। 

 

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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला
मौके पर पहुंचे रेलवे टीम को मौके से 0.93 एम का पुरानी रेल पटरी का टुकड़ा मिला। इसमें फ्रेश हीटिंग के निशान पाए गए। इससे प्रतीत होता है कि यह डिरेलमेंट ट्रेक पर पटरी के रखे होने के कारण हुआ। मामले में रेल ट्रैक पर रेल के टुकड़े रखने वाले अज्ञात शख्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

 

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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला
हादसे की तह तक जाने के लिए पटरी पर क्लैंप बांधकर देखा
पुलिस, आरपीएफ और रेलवे के विशेषज्ञों ने रविवार को कानपुर-झांसी रूट पर साबरमती एक्सप्रेस हादसे का नाट्य रूपांतरण कराया। ट्रैक पर लोहे के बोल्डर को क्लैंप से फंसाकर हादसे की वास्तविकता देखी गई।

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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला
डीसीपी वेस्ट राजेश कुमार सिंह, पनकी एसीपी श्वेता, पनकी इंस्पेक्टर के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोहे की पटरी के टुकड़े जैसे बोल्डर को ट्रैक में फंसाकर जांच की। यह परीक्षण डाउन लाइन पर किया गया। 

 

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Sabarmati Express derailed - फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधिकारियों ने रेलवे और ट्रैक के विशेषज्ञों से सभी तरह की संभावनाओं के बारे में पूछताछ की। उन्होंने देखा की बोल्डर किस तरह से रखा होगा, जिससे साबरमती के इंजन के दोनों ओर लगे कैटल गार्ड क्षतिग्रस्त हो गए।
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Sabarmati Express - फोटो : ANI
यह किस मजबूती से कसा गया था, जिससे ट्रेन की गति और इंजन के भार की वजह से ट्रैक से हट नहीं सका। पुलिस अधिकारियों ने क्लैंप को औजारों से कसवाकर भी देखा। पुलिस बोल्डर को अपने साथ ले गई।
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