Hardoi News: बिल्हौर-कटरा स्टेट हाईवे पर भीषण सड़क हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हैं। बताया जा रहा है कि अचानक डीसीएम के सामने आने से टेम्पो अनियंत्रित होकर पलट गया है।
बिल्हौर कटरा राज्य राजमार्ग पर अचानक सामने आए बाइक सवार को बचाने के लिए डीसीएम चालक ने तेज ब्रेक लगाई। इस कारण डीसीएम पूरी सड़क पर बेड़ा हो गया। इस वजह से सवारियों से भरे ऑटो के चालक ने भी अचानक ब्रेक लगाई। इससे ऑटो पलट गया। ऑटो में सवार 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए। एक बाइक सवार भी घायल हुआ है।
बिल्हौर कटरा राज्य राजमार्ग पर बुधवार को जो ऑटो हादसे का शिकार हुआ, उसकी क्षमता सिर्फ चार सवारी बैठाने की है। बावजूद इसके इस सीएनजी ऑटो में 14 लोग सवार थे। 14 सवारियां लेकर ऑटो राज्य राजमार्ग पर फर्राटा भर रहा था और यातायात माह के बावजूद भी किसी जिम्मेदार की निगाह इस पर नहीं पड़ी। खास बात यह है कि जहां से ऑटो सवारी भरते हैं, वह जगह थाने से बमुश्किल 500 मीटर दूर है और जहां जाते हैं वहां से भी कोतवाली 300 मीटर दूर है।
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- फोटो : अमर उजाला
रोशनपुर गांव के पास जो ऑटो हादसे का शिकार हुआ, उसमें 14 सवारियां थीं। इनमें से 11 की मौत हो गई, जबकि तीन घायल हैं। पुलिस के मुताबिक अभी ऑटो चालक के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में अगर चालक को भी जोड़ लें तो ऑटो में 15 लोग सवार थे।
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बड़ा सवाल यह है कि एसपी नीरज जादौन की सख्त नसीहत के बाद भी माधौगंज थाना क्षेत्र और बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र में क्षमता से अधिक सवारी लेकर वाहन किसकी शह पर फर्राटा भर रहे हैं। सीएनजी ऑटो का एक बार ज्यादा सवारी ढोने में चालान भी हो चुका है, लेकिन फिर भी ओवरलोडिंग का सिलसिला रुका नहीं।
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माधौगंज थाने से बमुश्किल 500 मीटर दूर चौराहे से सवारियां ढोने का काम सीएनजी ऑटो करते हैं तो बिलग्राम में कोतवाली से लगभग 300 मीटर दूर यह सीएनजी वाहन सवारी उतारने और बैठाने का काम करते हैं।
पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने इसको लेकर किए गए सवाल के जवाब में साफ कहा कि जिम्मेदारी सबकी तय होगी। अभी प्राथमिकता घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। शवों का पोस्टमार्टम कराना और परिजनों को ढांढस बंधाना है, गलती जिसकी भी होगी वह परिणाम भी भोगेगा।