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Rakesh Sachan: उन 30 दिनों में फर्श से अर्श पर पहुंच गए थे राकेश सचान, जानिए अब क्यों हुई एक साल की सजा

Tue, 09 Aug 2022 12:40 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
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Rakesh Sachan - फोटो : अमर उजाला
कैबिनेट मंत्री राकेश सचान इससे पहले तब चर्चा में आए थे, जब वह विधानसभा चुनाव के नामांकन के आखिरी दिनों में कांग्रेस छोड़कर अचानक भाजपा में आ गए और भोगनीपुर विधानसभा से प्रत्याशी भी बना दिए गए। आश्चर्यजनक तो तब रहा जब चुनाव जीतने के बाद उन्हें सीधे कैबिनेट मंत्री बना दिया गया। करीब एक महीने के अंतराल में ही उन्होंने भाजपा में उन ऊंचाइयों को छू लिया, जो पिछले 30 साल से भाजपा में शामिल लोग नहीं हासिल कर सके। राकेश सचान को लेकर भाजपा में अभी भी यह कहावत प्रचलित है कि सभी का भाग्य राकेश सचान जैसा नहीं होता है। आर्म्स एक्ट के तहत हुए मुकदमे और सजा के बावजूद जमानत पर रिहा होने के बाद इस कहावत की चर्चा कचहरी में भी रही। राकेश सचान ने अपना राजनीतिक कॅरियर जनतादल से शुरू किया था। बाद में वह समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। पहले विधायक बने फिर सांसद भी बने। इनकी पत्नी भी जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं। 
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Rakesh Sachan - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद वह कांग्रेस पार्टी में आ गए। फतेहपुर से दोबारा लोकसभा चुनाव में उतरे लेकिन सफलता नहीं मिली। कांग्रेस में पिछड़ों के नेता के रूप में अपनी जगह बना ली थी। 2022 के विधानसभा चुनाव में पूरी तैयारी थी कि कांग्रेस उन्हें विधानसभा से प्रत्याशी बनाएगी। 
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कैबिनेट मंत्री राकेश सचान अपने अधिवक्ता के चैंबर में - फोटो : अमर उजाला
इसी बीच उन्होंने दिल्ली में भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सामने जाकर भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा ने उन्हें कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में पिछड़ों खासकर इस बेल्ट में सचान बिरादरी के बड़े नेता के रूप में स्थापित कर दिया। 

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राकेश सचान ने किया समर्पण - फोटो : अमर उजाला
कहा जा रहा है कि आर्म्स एक्ट में हुई इस सजा के बाद अब राकेश के सामने भाजपा और योगी सरकार में अपनी जगह बनाए रखने को लेकर कड़ी जद्दोजहद भी करनी पड़ सकती है। 
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कैबिनेट मंत्री राकेश सचान अधिवक्ता के चैंबर में - फोटो : अमर उजाला
पार्टी और सरकार पल-पल की खबर लेती रही
राकेश सचान की कोर्ट में सुनवाई को लेकर चले घटनाक्रम की पल-पल की खबर सीएम कार्यालय और भाजपा प्रदेश मुख्यालय से ली जाती रही। कहा जा रहा है कि इस मामले में राकेश सचान से भी संगठन पूछताछ कर सकता है। 
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राकेश सचान ने किया समर्पण - फोटो : अमर उजाला
कैबिनेट मंत्री राकेश सचान को एक साल कैद की सजा, जमानत पर रिहा
आपको बता दें कि दूसरे का लाइसेंसी असलहा अपने पास रखने के मामले में आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाए गए प्रदेश के लघु सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान को अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट तृतीय आलोक यादव ने एक साल कैद और 1500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। 
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मंत्री राकेश सचान - फोटो : अमर उजाला
जुर्माना अदा न करने पर एक माह की कैद और भुगतने का आदेश भी दिया। हालांकि राकेश सचान के प्रार्थना पत्र पर उन्हें फैसले के खिलाफ 15 दिन में सेशन कोर्ट में अपील दायर करने के लिए 20-20 हजार की दो जमानतों और निजी मुचलके पर उन्हें रिहा भी कर दिया गया। 
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राकेश सचान - फोटो : सोशल मीडिया
नौबस्ता में 13 अगस्त 1991 को तत्कालीन एसओ बृजमोहन उदेनिया ने राकेश सचान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि उनके पास से राइफल बरामद हुई, जिसका लाइसेंस नहीं दिखा सके। इसी मामले में शनिवार को कोर्ट ने अभियुक्त राकेश सचान को दोषी करार दे दिया था। 
 
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