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Raju Srivastav: एक वो समय था जब मिमिक्री करने पर राजू को पड़ती थी मार, आंखों में आंसू लिए टीचर बोले...

Thu, 22 Sep 2022 01:51 PM IST
शाहरुख खान पुलकित तिवारी, कानपुर
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पूर्व प्रधानाचार्य आरसी शर्मा के साथ राजू श्रीवास्तव - फोटो : अमर उजाला
सुभाष इंटर कॉलेज साकेत नगर अनुशासन के मामले में आज भी जाना जाता है। राजू श्रीवास्तव जब यहां दसवीं में पढ़ते थे, तो दोस्तों के बीच अपनी मिमिक्री शुरू कर देते थे। इस वजह से छात्रों का झुंड लग जाता था। तब उन्हें प्रधानाचार्य आरसी शर्मा से कई बार मार पड़ी थी। राजू जब मशहूर हास्य कलाकार बनकर मुंबई से लौटे तो अपने प्रधानाचार्य से भी मिले। उनसे कहा कि सर, जिस मिमिक्री की वजह से आप मुझे मारते थे, आज उसी की वजह से मुंबई घूम रहा हूं। यह वाकया सुनाया खुद पूर्व प्रधानाचार्य आरसी शर्मा ने। कहा कि राजू की मिमिक्री उसे भगवान का दिया उपहार था। इतनी बड़ी हस्ती होने के बाद भी कभी जमीनी चीजों को नहीं भूला। 
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राजू श्रीवास्तव (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
बताया कि दो माह पूर्व राजू किसी कार्यक्रम में शामिल होने शहर आया था, तब उसने फोन कर कहा था कि मैं गाड़ी भेज रहा हूं, आप सर्किट हाउस आ जाओ। जब उससे मिलने पहुंचा तो हमेशा की तरह सम्मान किया और लोगों से मिलाया। बताया कि रजत शर्मा के शो आपकी अदालत में उसने उनकी मिमिक्री की थी।

 
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Raju Srivastav Death - फोटो : अमर उजाला
दरवाजा खोलिए सर, लोग देख लेंगे
आरसी शर्मा ने बताया कि करीब 15 वर्ष पूर्व राजू एक दिन अचानक स्कूल पहुंच गया। स्कूल के सभी लोग उसे देखकर चौंक गए। मैंने उसे अपने कमरे में बुलाया।
इसके बाद वह अपनी क्लास रूम में गया। बच्चों को मुंबई के किस्से भी सुनाए।

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raju srivastava - फोटो : social media
सात वर्ष पूर्व वह अचानक उनके घर के बाहर आया और फोन कर बोला जल्दी से दरवाजा खोलिए सर, लोग देख लेंगे। कुछ लोगों ने उसे अंदर आते देख लिया तो
दरवाजे के बाहर भीड़ जुट गई। फिर उन्होंने छत पर जाकर हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया।


 
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raju srivastava - फोटो : social media
राजू ने मुझे जीवनदान दिलाया
आरसी शर्मा ने बताया कि 2018 में उन्हें पड़ा तो कार्डियोलॉजी में भर्ती हुआ। फिर वहां से दिल्ली अस्पताल भेजा गया। राजू को इसकी खबर लग गई। उसने
वहां के डॉक्टरों से संपर्क कर मुझे अच्छे से अच्छा उपचार दिलाया। बाद में डॉक्टरों ने बताया कि आपके लिए राजू श्रीवास्तव ने फोन किया था।
 
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