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Kanpur Encounter: प्रभात को ला रहे पुलिसकर्मी ने बताया, वैन का टायर पंचर होते ही पिस्टल छीन शुरु कर दी थी फायरिंग

Thu, 09 Jul 2020 09:49 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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Kanpur Encounter - फोटो : amar ujala
कानपुर एनकाउंटर के बाद ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच कुख्यात विकास दुबे के करीबी प्रभात को पुलिस ने कानपुर में मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया। विकास दुबे के खास प्रभात मिश्रा को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर कानपुर आ रही थी तभी बीच रास्ते में प्रभात ने पुलिस की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की, इसी दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग भी कर दी। पुलिस ने भी गोली चलाई तो प्रभात घायल हो गया, अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
 
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Kanpur Encounter - फोटो : amar ujala
उसी दौरान आत्मरक्षा के लिए पुलिस ने प्रभात पर गोली चलाई जिससे उसकी मौत हो गई। कानपुर में आठ पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद कुख्यात अपराधी विकास और उसका एक गुर्गा कार्तिकेय उर्फ प्रभात 50 घंटे तक चंद कदमों की दूरी पर बने रहे।  उसके बाद वह लोग फरीदाबाद पहुंचे।

 
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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
जहां पर विकास ने अपनी भाभी के यहां पनाह ली और पुलिस टीम के वहां पहुंचने से पहले फरार हो गया। फरीदाबाद में सूचना मिलने के बाद वहां की क्राइम ब्रांच पुलिस और एसटीएफ ने न्यू इंदिरा नगर नहर पार फरीदाबाद में छापेमारी की। वहां से कार्तिकेय, अंकुर और श्रवण को गिरफ्तार किया। जब क्राइम ब्रांच ने पूछताछ शुरू की तो चौकाने वाला खुलासा हुआ।

 

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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
कार्तिकेय उर्फ प्रभात ने जानकारी दी कि पुलिस कर्मियों की हत्या करने के बाद उसने और विकास ने उनकी दो पिस्टले और कारतूस लूटी और वहां से शिवली निकल गए। वह लोग शिवली में दो दिन रुके। मोटरसाइकिल और टैक्सी से सफर करते हुए वह लोग फरीदाबाद पहुंच गए। यहां उन्होंने विकास की भाभी शांति मिश्रा के यहां शरण ली।

 
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Kanpur Encounter - फोटो : amar ujala
उन्हें शरण देने के मामले में अंकुर और श्रवण को गिरफ्तार किया गया है।फरीदाबाद पुलिस ने इनके पास से दो 9 एमएम पिस्टल और दो देसी पिस्टल 9 एमएम और 45 जिंदा कारतूस बरामद किए। साथ ही प्रभात के पास से तीन हजार रुपए दिए। प्रभात ने बताया कि पुलिस टीम के आने की सूचना मिलने के साथ ही विकास कुछ घंटे पहले फरार हो गया।
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