'तारे हैं बाराती चांदनी है ये बारात सातों फेरे होंगे अब हाथों में लेके हाथ जीवनसाथी हम दीया और बाती हम' इसी गाने की धुनों पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में 228 जोड़ों ने एक दूसरे को सात जन्मों के लिए अपना जीवन साथी चुना तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
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मुस्लिम जोड़े ने हिन्दू रीति रिवाज से रचा विवाह
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में सबसे आकर्षण का केंद्र पांच मुस्लिम जोड़े रहे। कानपुर के बिधनू में कठेरुआ गांव स्थित एक गेस्ट हाउस में गुरुवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया।
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मुस्लिम जोड़े ने हिन्दू रीति रिवाज से रचा विवाह
- फोटो : अमर उजाला
इस विवाह समारोह में विकास खंड बिधनू, घाटमपुर,पतारा, और भीतरगांव से आये 228 जोड़ों ने एक दूसरे का हाथ थाम कर साथ जीने मरने की कसमें खाईं। 223 जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हिन्दू रीति रिवाज से अग्नि के सात फेरे लिए। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में पांच मुस्लिम जोड़ों का भी निकाह पढ़ाया गया।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में दुल्हन
- फोटो : अमर उजाला
निकाह पढ़ने से पहले तीन मुस्लिम जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच एक दूसरे को वरमाला डालकर हिन्दू रीति रिवाज से अनूठी शादी कर सद्भावना की मिसाल पेश की। अफजलपुर की रजिया ने औरैया निवासी ताजुद्दीन,ऐती निवासी किशमतुननिशा ने मैथा निवासी शमशाद और पलरा गांव की शाजिदा ने गिरदौन निवासी नईम उर्फ बाबू खां ने वैदिक मंत्रो के बीच एक दूसरे को वरमाला पहनाई।
मुस्लिम जोड़ाें ने वर माला पहना रचा विवाह
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद मौलवी साहब ने सभी को निकाह पढ़ाया। मुस्लिम जोड़ों को हिन्दू रीति-रिवाज से वरमाला डालने पर मौके पर उपस्थित लोगों ने तालिया बजाकर नव दंपत्तियों को आशीर्वाद दिया।