उत्तर प्रदेश में इटावा जिले के बसरेहर में सबसे छोटी बेटी की डोली विदा करने के 25 मिनट बाद ही मां ने दुनिया को अलविदा कह दिया। वह कैंसर से पीड़ित थी। यह घटना बसरेहर क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में हुई।
विज्ञापन
2 of 5
बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
गांव निवासी अरुण दुबे खेती पर निर्भर हैं। उनकी चार संतानों में तीन बेटियां और एक बेटा है। करीब तीन महीने पहले उन्हें पता चला कि पत्नी बेबी को कैंसर है। उन्होंने पत्नी का इलाज इटावा, कानपुर और ग्वालियर से कराया, लेकिन हालत और खराब होती गई।
विज्ञापन
3 of 5
बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
इधर, सबसे छोटी बेटी ज्योति के हाथ पीले करने की चिंता बेबी को सताए जा रही थी। दो बेटियों का विवाह हो चुका है। तय तिथि के अनुसार सोमवार को ज्योति का विवाह कन्नौज के छिबरामऊ निवासी शिवम तिवारी से हो गया।
4 of 5
बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
बीमार बेबी ने बेटी के हाथ पीले कर दिए। मंगलवार सुबह साढ़े पांच बजे अरुण और बेबी ने बिटिया को विदा किया। विदाई के 25 मिनट बाद ही बेबी की अचानक तबीयत खराब हुई और उन्होंने हमेशा के लिए अपनी आंखें मूंद ली।
रास्ते में ही ज्योति को मां के निधन की खबर दी गई। पत्नी के गम में खोए अरुण दुबे सिर्फ इतना ही बोले, सोचा था कि अब आराम करने का समय आया है। तब पत्नी साथ छोड़ गई। बेटी की शादी को लेकर वह बहुत खुश थी।