मछलियां प्रवाहित करते हुए मत्स्य मंत्री
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दो महीने तक शिकार प्रतिबंधित, किसी ने किया तो कार्रवाई तय
मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने कहा कि दो महीने तक गंगा में शिकार प्रतिबंधित है। किसी ने जाल डालकर मछलियां पकड़ीं, तो उस पर कार्रवाई तय है। इन मछलियों को गंगा को स्वच्छ करने के लिए प्रवाहित किया जा रहा है। गंगा में रहने वाली रोहू, कतला, मंगल वाटा और बाटा मछली को प्रवाहित किया गया है। मरी मछलियों को प्रवाहित करने की बात पर बोले यह मानवीय त्रुटि है।
पहले के समय में ऑक्सीजन ना मिलने और अन्य कारणों से लगभग 50 प्रतिशत मछलियां मर जाती थीं। अब यह प्रतिशत दशमलव में है। उन्होंने कहा की अगली बार शहर के औचक निरीक्षण पर आऊंगा। यदि किसी मछली बेचने वाले का बीमा नहीं मिला, तो अधिकारी पर कार्रवाई तय है।