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पुलवामा अटैक: शहीद की पत्नी ने जो कहा उसे सुनकर आंसू भी आएंगे खून भी खौलेगा, इस बात का रह जाएगा मलाल

Tue, 19 Feb 2019 09:08 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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जम्मू कश्मीर के पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए कन्नौज के प्रदीप यादव की पत्नी ने जो कहा है उसे सुनकर आपका खून भी खाैलेगा और गुस्सा भी आएगा। उनकी जुबां से निकली हर एक बात आपके दिल में तीर की तारह चुभेगी। शहीद पति प्रदीप कुमार यादव के अंतिम संस्कार के बाद जब वो मायके लौटीं तो उनकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।

 
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पति की शहादत का सिर्फ बदला चाहिए। सरकार पाकिस्तान और आतंकियों का नामोनिशां मिटा दे तभी शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि मिलेगी। यह बात रविवार को शहीद पति प्रदीप कुमार यादव के अंतिम संस्कार के बाद पैतृक गांव तिर्वा कन्नौज के सुखसेनपुर से बारासिरोही, कल्याणपुर स्थित मायके लौटी शहीद की पत्नी नीरज ने कही।
 
 
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पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद सुखसेनपुर निवासी प्रदीप कुमार यादव का परिवार कल्याणपुर के बारासिरोही में रहता है। परिवार में पत्नी नीरज और दो बेटियां सुप्रिया (14) व मान्या(2) हैं। नीरज के मायके वाले भी इसी मोहल्ले में रहते हैं। रविवार सुबह नीरज बेटियों संग मायके पहुंची तो मोहल्ले वाले एकत्र हो गए।

 

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उन्होंने शहीद की फोटो पर पुष्प अर्पित की और मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि दी। नीरज ने कहा कि उसके पति बहादुर थे। अगर आतंकी सामने से ललकारते तो वह भी उनकी बहादुरी का लोहा मान लेते, लेकिन कायरों ने पीछे से विस्फोट कर उनकी गाड़ी को उड़ा दिया। इसका हमेशा मलाल रहेगा।

 
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पति के अंतिम संस्कार में आए सीआरपीएफ अफसरों से भी उन्होंने यही कहा कि पाकिस्तान को उसकी कायरना हरकत केलिए फौज को जबाव देना चाहिए। अब बस दोनों बेटियों के भविष्य की चिंता है। ससुराल वालों ने तो पति के रहते सात साल पहले ही संबंध तोड़ लिए थे।

 
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अब सब कुछ उसके कंधों पर आ गया। सरकार से गुजारिश है कि बेटियों के पालन-पोषण के लिए उसकी नौकरी का इंतजाम कर दें। बेटियों की पढ़ाई की व्यवस्था करे। बोली, शहादत के बाद गांव में कई राजनैतिक दलों के नेता आए थे, जिनमें से कुछ ने चौराहे को पति नाम पर किए जाने और प्रवेश द्वार बनाए जाने का आश्वासन दिया था।

 
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प्रदीप की बड़ी बेटी सुप्रिया वीरेंद्र स्वरूप स्कूल, अवधपुरी में पांचवी कक्षा की छात्रा है। सोमवार को उसकी सामान्य ज्ञान की परीक्षा है। इस कारण नीरज दोनों बेटियों को लेकर बारासिरोही आ गई। सुप्रिया ने कहा कि वह बड़े होकर पिता के अधूरे सपनों को साकार करेगी। सीआरपीएफ में अफसर बनूंगी और कायरों को सबक सिखाऊंगी। वह चाहती है कि सरकार पाकिस्तान को सबक सिखाए।
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