मनीष हत्याकांड में जांच करने गोरखपुर पहुंची एसआईटी कानपुर।
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जांच की शुरुआत कमरा नंबर 512 से की। गोरखपुर फोरेंसिक टीम से बातचीत कर जानकारी हासिल करने के बाद कानपुर के फोरेंसिक एक्सपर्ट ने सीन री-क्रिएशन का काम किया। इसकी मदद से टीम ने यह जानने की कोशिश की कि पुलिस वाले कैसे आए होंगे? कैसे कमरा खुलवाया होगा, कमरे के अंदर कौन कैसे था और फिर क्या हुआ? करीब तीन घंटे तक सीन को रीक्रिएट कर एसआईटी ने बारीकी से इसे समझने की कोशिश की कि आखिर उस रात कब, कैसे और क्या हुआ?
फिलहाल टीम की ओर से यही जवाब दिया गया है कि इस मामले की जांच जारी है। जांच के दौरान सीओ कैंट श्यामदेव भी एसआईटी कानपुर के साथ मौजूद रहे। मुख्य विवेचक एडीसीपी पश्चिम बृजेश श्रीवास्तव हैं। पर्यवेक्षक डीसीपी साउथ कानपुर रवीना त्यागी हैं। लखनऊ में विभागीय कार्यक्रम में शिरकत करने की वजह से डीसीपी अभी टीम के साथ गोरखपुर नहीं पहुंचीं। वह जल्द ही गोरखपुर रवाना होंगी।