महोबा के कबरई क्रशर कारोबारी इंद्रकांत की मौत के बाद से ही मृतक की लाइसेंसी पिस्टल की तलाश में जुटी पुलिस को आखिरकार सफलता मिल गई है। शनिवार को मृतक के बड़े भाई रविकांत त्रिपाठी ने एसआईटी को पिस्टल सौंप दी।
जिससे अब जल्द खुलासा होने के आसार बढ़ गए हैं। हत्याकांड में पिस्टल का गायब होना सबसे अहम माना जा रहा था। गाड़ी से पिस्टल का लाइसेंस तो मिला लेकिन पिस्टल कहां गई इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे।
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व्यापारी की पत्नी व बच्चों से बात करते डीएम
- फोटो : अमर उजाला
क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी अक्सर अपने साथ लाइसेंसी पिस्टल लेकर चलते थे। सात सितंबर को व्यापारी ने पूर्व पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार पर रिश्वत मांगने व किसी भी समय हत्या कराए जाने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल किया था।
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व्यापारी के घर के बाहर तैनात पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
आठ सितंबर को अज्ञात लोगों ने व्यापारी को गोली मार दी थी। गोलीकांड की घटना के बाद से पुलिस व्यापारी की लाइसेंसी पिस्टल की तलाश में जुट गई थी। घटनास्थल पर खड़ी कार से पुलिस को पिस्टल का लाइसेंस बरामद हुआ था लेकिन पिस्टल नहीं मिली थी।
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चौराहे पर तैनात पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
13 सितंबर को क्रशर व्यापारी की कानपुर रिजेंसी में मौत होने के बाद घटना के खुलासे को लेकर पिस्टल को अहम माना जा रहा था। पुलिस ने जांच के दौरान परिजनों से भी पिस्टल की जानकारी ली थी लेकिन परिजनों ने पिस्टल न मिलने और किसी तरह की जानकारी न होने की बात कही थी।
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इंद्रकांत त्रिपाठी हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
मृतक क्रशर व्यापारी के बड़े भाई रविकांत त्रिपाठी ने शनिवार को इंद्रकांत की लाइसेंसी पिस्टल एसआईटी को सौंप दी। उन्होंने बताया कि इंद्रकांत की मौत होने के चलते घर में शुद्घता कार्यक्रम था। जिसको लेकर घर की साफ-सफाई की गई। सफाई के दौरान इंद्रकांत की लाइसेंसी पिस्टल घर पर पाई गई।
जिसे एसआईटी को सौंप दिया गया। जिससे अब एसआईटी घटना का खुलासा करने में तेजी से जुट गई है। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि जांच अब एसआईटी कर रही है। इसलिए इस मामले में कुछ भी नहीं कह सकते हैं।