बुधवार की सुबह थी। करीब पांच बजे थे। तेज बारिश हो रही थी। कार करीब 40 की रफ्तार से आगे बढ़ रही थी। रास्ता भटक जाने से कार में सवार चारो लोग परेशान थे। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर चढ़ने का रास्ता तलाश रहे थे। तभी, आगरा के डौकी थानाक्षेत्र के ग्राम वाजिदपुर में एक्सप्रेस-वे की सर्विस लेन पर सामने मिट्टी का ढेर नजर आया, हैंडब्रेक मारकर कार रोकी और जैसी ही सीट बेल्ट खोलकर नीचे उतरना चाहा कि गाड़ी एक झटके में करीब 50 फीट नीचे जा गिरी। मंजर ऐसा था कि चारों लोगों का कलेजा दहल गया। कार जब गड्ढे में फंसी देखी और खुद को सुरक्षित पाया तो लगा जैसे मौत छूकर गुजर गई हो। घटना यूपी के कन्नौज जिले की है।
आगे की स्लाइड में पढ़ें- ढाई लाख रुपये में सीआरबी एक्सयूवी कार खरीदकर मुंबई से निकले
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हादसे में क्षतिग्रस्त हुई कार
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के वाजिदपुर में हुए हादसे में बचे कार सवारों ने अपनी यह आपबीती जब बयां की तो उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के समधन के गुसाईगंज गांव निवासी कार मालिक नूरशाह पुत्र इस्लाम हुसैन अपने मित्र गांव के ही शानू पुत्र हारुन और गुरसहायगंज निवासी रचित कुमार पुत्र रावेंद्र कुमार के साथ 29 जुलाई की रात करीब एक बजे मुंबई के लिए रवाना हुआ था। करीब ढाई लाख रुपये में सीआरबी एक्सयूवी कार खरीदकर 31 जुलाई को कन्नौज के लिए सभी लोग मुंबई से निकले। बकौल नूरशाह, बुधवार सुबह करीब साढ़े चार बजे वह लोग आगरा पहुंचे। कार वह खुद चला रहा था।
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हादसे में क्षतिग्रस्त हुई कार, जानकारी देते कार मालिक नूरशाह
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में रास्ता भटक जाने के कारण वह लोग एक्सप्रेस-वे पर नहीं चढ़ पाए। सर्विस लेन पर चलते हुए एक्सप्रेस वे पर चढ़ने का रास्ता तलाशना शुरू किया। बारिश तेज थी और सुबह के करीब पांच बज चुके थे। थाना डौकी के वाजिदपुर गांव में सर्विस लेन पर अचानक मिट्टी का ढेर दिखा। हादसे से बचने के लिए उसने हैंडब्रेक मारकर कार रोकी और रास्ते की स्थिति देखने के लिए सीट बेल्ट खोलने लगा। तभी तेज आवाज के साथ जमीन धंस गई और वह लोग करीब 50 फीट नीचे चले गए। कार बीच में ही फंस गई। हादसा होते ही चीख निकल पड़ी और दिल की धड़कने तेज हो गईं। पहले तो शीशा तोड़कर निकलने की बात सोची लेकिन गेट आसानी से खुल जाने पर वह पहले निकला और फिर साथियों को बाहर निकाला। यूपी 100 को कॉल कर हादसे की जानकारी दी। करीब 20 मिनट में पुलिस मौके पर आ गई। सुबह करीब 10 बजे क्रेन की मदद से गाड़ी को बाहर निकाला जा सका।
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हादसे में क्षतिग्रस्त हुई कार,हादसे के वक्त कार में सवार था शानू
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मदद की बजाय चोर ठहराने में जुट गई पुलिस
हादसे की जानकारी पर पहुंची यूपी 100 पुलिस हादसे के शिकार लोगों की मदद की बजाय चोर ठहराने में जुट गई। नूरशाह के मुताबिक, पुलिस ने गाड़ी का कागज मांगा। जब उसने कागज कार में होने की बात कही तो गाड़ी को चोरी का बताते हुए उन लोगों को चोर ठहराना शुरू कर दिया। पुलिस ने रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की और यह कहकर भगा दिया कि चोरी के इल्जाम में अंदर हो जाओगे।
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हादसे में क्षतिग्रस्त हुई कार, शानू, कार मालिक नूरशाह
- फोटो : अमर उजाला
क्रेन की रस्सी टूटने से बर्बाद हो गई कार
कार को निकालने के लिए आई क्रेन ने पहले रस्सी बांधकर कार को बाहर निकालने का प्रयास किया। इसमें काफी हद तक सफलता भी मिली और कार जैसे ही बाहर आकर हवा में झूली, अचानक रस्सी टूट गई और कार फिर करीब 70 फीट ऊंचाई से गड्ढे में जा गिरी। इससे कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार मालिक नूरशाह ने बताया कि हादसे के वक्त जब कार गड्ढे में गिरी तो उसमें मामूली नुकसान हुआ था लेकिन क्रेन से निकालते वक्त वह पूरी तरह बर्बाद हो गई। कार को वाजिदपुर में ही एक गैराज में खड़ा करा दिया। कार में एक लाख से ज्यादा का खर्च बताया गया है।
नूरशाह ने मुंबई से निकलते वक्त रास्ते से अपने रिश्तेदार उसीम को साथ ले लिया। फिर सभी चारों लोग जुहू चौपाटी गए। यहां कार की चाभी समुद्र में जा गिरी। दूसरी चाभी बनवाने में 10 हजार का खर्च आ गया। राजस्थान पहुंचने पर गाड़ी में खराबी आ गई। यहां भी 2600 रुपये खर्च हुए। इसके बाद आगरा पहुंचे तो यह हादसा हो गया। इसमें पूरी कार क्षतिग्रस्त हो गई। नूरशाह ने बताया, बड़ी मुश्किल से ड्राइवरी कर पैसे जोड़े थे जिससे कार खरीदी थी। सोचा था कि पत्नी और चार बच्चों की हर ख्वाहिश पूरी होगी लेकिन हादसे ने सब कुछ तबाह कर दिया। अब तो गाड़ी बनवाने के पैसे भी उसके पास नहीं हैं।