उत्तर प्रदेश में कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर शनिवार को बड़ी संख्या में उतरे भूखे, प्यासे श्रमिकों ने जमकर उत्पात मचाया। खाने पीने के सामान को लेकर लूट मच गई। रेलवे की ओर से बांटी जा रही मठरी के तीन गत्ते श्रमिकों ने छीन लिए।
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कानपुर सेंट्रेल पर फैली बिरियानी
- फोटो : amar ujala
इसके पहले आईआरसीटीसी की तरफ से बांटी गई वेज बिरयानी में दुर्गंध आने की वजह से हंगामा भी किया। कोरोना संक्रमण के डर से जीआरपी और आरपीएफ वाले भी दूर रहे। दिल्ली से अगरतला जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सुबह साढ़े आठ बजे वेज बिरयानी बांटी गई।
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जांच के लिए लगी भीड़
- फोटो : amar ujala
यह ट्रेन पांच घंटे लेट आई, इस वजह से बिरयानी खराब हो गई। इसे खाते ही श्रमिकों ने नारेबाजी शुरू कर दी और ट्रेन रुकवा दी। इस पर स्टेशन निदेशक हिमांशु शेखर उपाध्याय ने रेलवे के खानपान विभाग से श्रमिकों में मठरी बंटवाई। 12 कोच में मठरी बंट चुकी थी, तभी सिग्नल हो गया। इसके बाद बचे कोचों के श्रमिकों ने कूदकर मठरी के गत्ते छीन लिए। पानी को लेकर भी मारामारी रही।
11 ट्रेनों से आए 3914 श्रमिक
सेंट्रल स्टेशन पर शनिवार को 11 ट्रेनों से 3914 श्रमिक उतरे। सूरत से कानपुर सेंट्रल पर एक ट्रेन टर्मिनेट हुई, जिसमें करीब 1600 यात्री उतरे। ये सभी श्रमिक यूपी के 53 जिलों के थे। इन्हें रोडवेज की 112 बसों से रवाना किया गया।
कल्याण से गोरखपुर जाने वाली ट्रेन से 278 यात्री, लिंगमपल्ली-देवरिया ट्रेन से 380 यात्री, अमृतसर-गया से 170, झांसी-गोरखपुर से 297, गुरुग्राम-प्रयागराज से 390 और दिल्ली-अगरतला स्पेशल से 285 श्रमिक यहां उतरे।