झांसी से गोरखपुर जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन में दो प्रवासियों की मौत हो गई। दोनों के शव कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर उतारे गए। एक की पहचान आजमगढ़ निवासी राम अवध चौहान (45) के रूप में हुई है। दूसरे की अभी शिनाख्त नहीं हो पाई।
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सेंट्रल पर ट्रेन रूकने के बाद लगी भीड़
- फोटो : amar ujala
उधर, शवों को उठाने वाले व्यक्ति को क्वॉरंटीन किए जाने की वजह से शवों को पोस्टमार्टम हाउस ले जाने के लिए लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार कराने वाले धनीराम बौद्ध की टीम को बुलाना पड़ा। राम अवध चौहान अपनी पत्नी कौशल्या के साथ आजमगढ़ के जहानागंज थाना क्षेत्र के मकूनपुर मकरौदा अपने गांव जा रहा था।
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गर्मी से बेहाल दिखे लोग
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वह पहले मुंबई से झांसी स्पेशल ट्रेन से आया था, इसके बाद झांसी से गोरखपुर जाने वाली ट्रेन पर चढ़ गया। रास्ते में उनकी मौत हो गई। ट्रेन शाम को सवा चार बजे प्लेटफार्म नंबर पांच पर आई तो शव को उतारा गया। पत्नी कौशल्या ने बताया कि उन्हें डायबिटीज थी।
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ट्रेन रूकते ही पानी के लिए उतरे प्रवासी श्रमिक
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ट्रेन से एक अन्य 45 वर्षीय व्यक्ति का शव उतारा गया। कोरोना जांच के लिए सैंपल लेकर दोनों शव पोस्टमार्टम हाउस भेजे गए। सेंट्रल स्टेशन के जीआरपी इंस्पेक्टर राम मोहन राय ने बताया कि दूसरे मृतक प्रवासी की शिनाख्त की कोशिश की जा रही है।
लंच पैकेट लेने के लिए लाइन में खड़े प्रवासी श्रमिक
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सेंट्रल से शव ले जाने वाला भी क्वारंटीन
दो दिन पहले मुंबई से जौनपुर जाने वाले विश्वनाथ प्रजापति की मौत के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उनके संपर्क में आए लोगों को क्वारंटीन किया गया है। इनमें जीआरपी के एक दरोगा, दो सिपाही और सेंट्रल स्टेशन पर शवों को उतारने और पोस्टमार्टम ले जाने वाला मुन्ना भी है।