हैदराबाद की आइसक्रीम फैक्टरी में काम करने वाले बिल्हौर के 10 मजदूरों के पास जब घर के लिए जोड़े गए रुपये भी खत्म हो गए तो उन्होंने घर लौटने में ही भलाई समझी। ऊपर से मकान मालिक भी किराए के लिए दबाव बना रहा था।
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बताया भूखे पेट कर रहे सफर
- फोटो : amar ujala
ऐसे में ये मजदूर 17 अप्रैल को हैदराबाद से पैदल ही कानपुर के लिए निकल पड़े। जैसे-तैसे 13वें दिन बुधवार को शहर पहुंचे। कल्याणपुर पनकी रोड पर मिलने पर इन मजदूरों ने अपनी पीड़ा बताई।
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काम नहीं मिला तो छोड़ना पड़ा शहर
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बताया कि रास्ते में कुछ ट्रक वालों ने सहारा दिया लेकिन लंबी दूरी पैदल ही तय करनी पड़ी। रास्ते में पुलिस व समाजसेवी संस्थाओं से कुछ मिला तो खा लिए, नहीं तो भूखे रहे। अब घर के पास पहुंचने पर सुकून मिला है।
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चिलचिलाती धूप में किया सफर
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थक कर चूर हो चुके राकेश, करण लाल, दुर्गेश, अरविंद, अमित, रतन, अनुराग, नीलेश, कृष्णपाल, नेमीचंद्र ने बताया कि 22 मार्च से काम बंद होने से उनके पास खाने के लिए भी कुछ नहीं बचा था।
इनकी दुश्वारियां सुनने के बाद पास खड़े एक ठेले वाले ने इन सभी को दो-दो केले देकर घर के लिए रवाना किया। बता दें लॉकडाउन लागू होने के बाद से लगातार दूसरे राज्यों और जिलों से मजदूरों का आना जारी है।