मधुशालाओं के विरोध में लगातार तीसरे दिन लोगों आक्रोश जारी है। कोर्ट के आदेश के बाद हाईवे किनारे से हटाई गई शराब की दुकानें अब बस्तियों में खुल गई हैं जिससे पब्लिक परेशान है। मंगलवार को कानपुर महानगर समेत तमाम आसपास के जिलों इटावा, औरैया, फर्रुखाबाद, उन्नाव, फतेहपुर में शराब की दुकानें बंद कराने के लिए आंदोलन हुआ। कई जगहों पर शराब की दुकानों में आग तक लगा दी गई।
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शराब के खिलाफ प्रदर्शन
कानपुर के जीटी रोड अफीमकोठी के पास से शिफ्ट होकर जूही के गोस्वामी नगर में खोले गए देशी शराब ठेके में दारू पीकर मंदिर जा रहीं महिलाओं से छेड़छाड़ के बाद जमकर बवाल हुआ। दर्शन कर लौटी महिलाओं ने लाठी डंडे लेकर ठेके पर धावा बोल दिया। नशेबाजों को न मिलने पर ठेके में तोड़फोड़ की।इंस्पेक्टर आरसी मिश्रा का कहना है कि ठेके के बाहर नशेबाजी करने वालों पर सख्ती की जाएगी।
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शराब के खिलाफ प्रदर्शन
बर्रा गांव हाईवे से शिफ्ट होकर तात्याटोपे नगर में शराब का ठेका खुलने के विरोध में महिलाओं ने ढोलक और थालियां बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। पार्षद मनीष शर्मा की अगुवाई में महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पार्षद ने बताया कि शनिवार को यह ठेका रविदासपुरम में खुलना था, लेकिन महिलाओं ने विरोध कर दिया था।
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शराब के खिलाफ प्रदर्शन
हमीरपुर रोड से शिफ्ट होकर बिधनू गांव में ठेका खोले जाने पर ग्राम प्रधान पवन चंदेल की अगुवाई में महिलाओं ने शराब ठेके के बोर्ड को तोड़कर सड़क पर फेंक दिया। नारेबाजी कर प्रशासन से ठेका हटवाए जाने की मांग करते हुए धरने पर बैठ गईं। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाकर उन्हें शांत कराया।
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शराब के खिलाफ प्रदर्शन
इसी तरह तमाम इलाकों में स्कूलों के पास शराब की दुकानें खोल दी गई हैं। बिधनू के ग्राम प्रधान पवन ने बताया कि शराब ठेका जहां खुल रहा है, उसके पास प्राइमरी विद्यालय, मंदिर और निर्माणाधीन लॉ कालेज है।
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शराब के खिलाफ प्रदर्शन
कानपुर के गोविन्द नगर की ओर से गोविन्दपुरी पुल के ऊपर देसी शराब ठेके को बंद करने के लिए भीड़ सड़क पर उतर आई। इस दौरान लोगों ने जमकर तोड़फोड़ की एक घंटे तक बवाल होने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझाबुझाकर शांत कराया।
कानपुर के नौबस्ता दलनपुर गांव और भन्नानापुरवा में भी लोगों ने शराब की दुकानों के खिलाफ जमकर हंगामा किया। दुकानों पर तोड़फोड़ कर इन्हें यहां से हटाने की मांग की गई।