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चंद्रमा पर जी सकते हैं पृथ्वी जैसा जीवन, इंसान के लिए रहने लायक वातावरण!

Mon, 02 Jan 2017 11:24 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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चंद्रमा पर पृथ्वी जैसा जीवन जी सकते हैं। इंसान के लिए चंद्रमा पर रहने लायक वातावरण मौजूद है। अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा के एक अध्ययन में यह साफ हो चुका है। अब कानपुर की शौर्या सिंह के ‘लाइफ ऑन मार्स’ रिसर्च ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
 
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10वीं की छात्रा हैं शौर्या

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इसी रिसर्च की बदौलत शौर्या ने इंडियन साइंस कांग्रेस का पुरस्कार जीतने में सफलता पाई है। कांग्रेस की तरफ से चार जनवरी को श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय तिरुपति में शौर्या को सम्मानित किया जाएगा। शौर्या यूपी की इकलौती छात्रा हैं, जिन्हें यह सम्मान मिलेगा। समारोह में देश के अलग-अलग राज्यों से पांच छात्रों को सम्मानित किया जाएगा।  शौर्या सिंह सेठ आनंद राम जयपुरिया स्कूल, कैंट की 10वीं की छात्रा हैं। 
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फैक्ट, रिसर्च, भविष्य की उम्मीद से जीतीं शौर्या

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शौर्या सिंह
इंडियन चिल्ड्रेन साइंस कांग्रेस ने अलग-अलग सब्जेक्ट पर देश भर के स्कूलों से रिसर्च पेपर मंगवाया था। इसमें अलग-अलग राज्यों और स्कूलों के कक्षा 10वीं के स्टूडेंटों ने हिस्सा लिया था। चिल्ड्रेन साइंस कांग्रेस और इंफोसिस फाउंडेशन की तरफ से आयोजित रिसर्च पेपर के फैक्ट, रिसर्च, भविष्य की उम्मीद, सुझाव आदि बिंदुओं पर शौर्या ने बाजी मारी है। 
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शौर्या का शौर्य

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शौर्या ने ‘लाइफ ऑन मार्स (चंद्रमा पर जीवन)’ पर रिसर्च पेपर प्रस्तुत किया। 21 वीं सदी की सबसे महत्वाकांक्षी योजना ..चंद्रमा पर जीवन.. के बारे में शौर्या ने रिसर्च की। इसमें दुनिया की बड़ी दिक्कत ग्लोबल वार्मिंग से बचने के लिए चंद्रमा पर जीवन को बहुत जरूरी बताया। चंद्रमा और पृथ्वी की दूरी, वातावरण, रहने लायक माहौल की संभावनाओं पर जानकारी दी। शौर्या की सफलता के पीछे मम्मी का भी बड़ा हाथ है। शौर्या की मां डॉ. शिखा सिंह पीपीएन पीजी कॉलेज में मैथमेटिक्स की टीचर हैं। 
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