उन्नाव के बिहार थानाक्षेत्र में दुष्कर्म पीड़िता को जलाकर मारने की घटना के बाद बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने आरोपी पक्ष की ओर से किसी भी वकील के मुकदमा न लड़ने की बात कही थी, लेकिन अब उन्होंने अपना निर्णय बदल दिया है। इसके बाद अधिवक्ता संजीव त्रिवेदी ने आरोपी पक्ष की सहमति पर मुकदमा लड़ने की बात कही है।
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उन्नाव दुष्कर्म कांड में जेल भेजे गए पांच आरोपी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद अधिवक्ताओं में भी आरोपियों को लेकर आक्रोश था। इस पर बार एसोसिशन अध्यक्ष दीप नारायण त्रिवेदी ने घोषणा की थी कि कोई भी वकील आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ेगा। लेकिन समय के साथ परिस्थितियों में आए बदलाव के बाद बार अध्यक्ष ने अपना निर्णय वापस ले लिया है।
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उन्नाव कांड को लेकर पूरे देश में आक्रोश
- फोटो : अमर उजाला
वहीं अधिवक्ता संजीव त्रिवेदी का कहना है कि न्याय सभी का अधिकार है। दोषी को सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने अध्यक्ष को एक पत्र देकर पीड़ित पक्ष से मुकदमा लड़ने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने इस विचार करने के लिए कहा था। जिसके बाद यह निर्णय लिया गया।
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उन्नाव कांड के दूसरे दिन लोगो में गुस्सा
- फोटो : अमर उजाला
ये है पूरा मामला
उन्नाव में गुरुवार को दुष्कर्म पीड़िता पर आरोपियों ने पेट्रोल डालकर उसे जलाकर मारने की कोशिश की थी। इसमें पीड़िता 90 फीसदी जल गई थी। चश्मीदीदों के मुताबिक पीड़िता आग लगने के बाद करीब एक किमी तक मदद की गुहार लगाते हुए दौड़ती रही थी।
दुष्कर्म पीड़िता के अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद भारी फोर्स और भीड़
- फोटो : अमर उजाला
यहां तक की उसने खुद ही 112 पर फोन कर पुलिस को घटना की जानकारी दी थी, जिसके बाद वहां पुलिस की टीम और एंबुलेंस पहुंची थी। 44 घंटे तक जिंदगी से जंग लड़ने के बाद आखिर में उसकी सांसें थम गईं। रविवार को दुष्कर्म पीड़िता को उन्नाव स्थित उसके गांव में दादी बाबा के पास ही दफनाया गया।